
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अमेरिकी ग्रुप फोर्ड मोटर और भारत की ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के बीच की डील को मंजूरी दे दी है.
दरअसल, दोनों कंपनियां 1925 करोड़ रुपये के निवेश से ज्वाइंट वेंचर बनाएंगी. यह ज्वाइंट वेंचर अमेरिकी ऑटो कंपनी के उत्पादों को भारत में विकसित करेगी और उसकी मार्केटिंग और वितरण करेगी. ज्वाइंट वेंचर में महिंद्रा एंड महिंद्रा की 51 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि शेष हिस्सेदारी फोर्ड की होगी. प्रतिस्पर्धा आयोग ने ट्वीट कर बताया कि उसने एमएंडएम और फोर्ड मोटर के बीच संयुक्त उद्यम के गठन को मंजूरी दे दी है.
इसके अलावा, फोर्ड इंडिया के वाहन कारोबार को संयुक्त उद्यम को स्थानांतरित करने को भी मंजूरी मिल गई है. फिलहाल, सीसीआई की मंजूरी के बाद देश में अब दोनों कंपनियों का ज्वाइंट वेंचर बनाने का रास्ता साफ होगा.यहां बता दें कि फोर्ड ने भारत में 2 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है. इसकी फिलहाल भारतीय बाजार में महज 3 फीसदी हिस्सेदारी है.
महिंद्रा एंड महिंद्रा का मुनाफा घटा
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस डील को ऐसे समय में मंजूरी दी है जब हाल ही में महिंद्रा एंड महिंद्रा के तिमाही नतीजे सामने आए हैं. महिंद्रा का मुनाफा चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 73 फीसदी घटकर 380 करोड़ रुपये रहा. इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 1,396 करोड़ रुपये रहा.
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इस दौरान कंपनी की आय 12,120 करोड़ रुपये रही. इससे पिछले वित्त की इसी अवधि में कंपनी की आय 12,893 करोड़ रुपये थी. तीसरी तिमाही में कंपनी की वाहन बिक्री 1,23,353 इकाई रही यह इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की 1,33,508 इकाई से आठ फीसदी कम है. समीक्षावधि में कंपनी के ट्रैक्टर की बिक्री छह फीसदी घटकर 81,435 इकाई रही. वहीं कंपनी का निर्यात 22 फीसदी घटकर 9,633 वाहन रहा.