पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीद की जा रही है. क्योंकि क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट का दौर जारी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में बीते सत्र में गिरावट के बाद बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड 40 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बंद हुआ. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में नरमी से भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम में और गिरावट की संभावना बनी हुई है.
इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की डिमांड में अचानक से बड़ी कमी आई है. बड़ी क्रूड उत्पादक कंपनियों को एक बार फिर डिमांड घटने का डर सता रहा है. ऐसे में ओपेक देशों की कुछ कंपनियों ने क्रूड पर डिस्काउंट देना भी शुरू कर दिया है. दूसरी ओर ओपेक और अमेरिका में उत्पादन ज्यादा है, लेकिन बहुत से डिमांड अभी होल्ड पर है. इस वजह से कीमतों में आगे बड़ी गिरावट की आशंका है.
क्रूड सस्ता होने से तेल कंपनियों को कीमतों पर छूट मिलेगी. भारत में अपनी जरूरतों का 82 फीसदी क्रूड इंपोर्ट किया जाता है. भारत में ब्रेंट क्रूड की ही सप्लाई ज्यादा है. सऊदी अरब, रूस और ईरान भारत को सबसे ज्यादा तेल की सप्लाई करते हैं.
अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार इंटर कांटिनेंटल एक्सचेंज (ICE) पर ब्रेंट क्रूड का नवंबर डिलीवरी अनुबंध शुक्रवार को पिछले सत्र के मुकाबले 0.65 फीसदी की कमजोरी के साथ 39.80 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था.
वहीं, न्यूयार्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (नायमैक्स) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का अक्टूबर डिलीवरी वायदा अनुबंध पिछले सत्र के मुकाबले 0.21 फीसदी की बढ़त के साथ 37.38 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ.
ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट से तेल कंपनियों को राहत मिलेगी, तो वे कंज्यूमर्स को राहत दे सकती हैं. अगर क्रूड में 20 फीसदी की कमी आती है तो फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 फीसदी तक कमी की जा सकती है. एक अनुमान के मुताबिक पेट्रोल और डीजल 2.5 से 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो सकता है.