विदेशी निवेशक पिछले तीन महीनों से भारतीय शेयर बाजार में पैसे झोंक रहे हैं. जहां घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) इस इंतजार में थे कि बाजार में गिरावट आएगी और फिर वो एंट्री करेंगे. लेकिन विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) अक्टूबर से ही लगातार हर महीने बड़ी रकम निवेश कर रहे हैं. (Photo: File)
दरअसल, एफपीआई भारतीय बजारों में लगातार तीसरे महीने शुद्ध खरीदार रहे और दिसंबर में 68,558 करोड़ रुपये निवेश किए. वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों में निवेश बढ़ा रहे हैं, और भारत उसमें से बड़ा हिस्सा हासिल करने में सफल रहा है. (Photo: File)
डिपॉजिटरीज आंकड़े के अनुसार विदेशी निवेशकों ने दिसंबर महीने में शेयरों में शुद्ध रूप से रिकॉर्ड 62,016 करोड़ रुपये निवेश किए जबकि बांड में 6,542 करोड़ रुपये लगाए. इस तरह से FPI ने दिसंबर महीने में कुल 68,558 करोड़ रुपये निवेश किए. (Photo: File)
इससे पहले एफपीआई ने नवंबर महीने में इक्विटी में सर्वाधिक 60,358 करोड़ रुपये निवेश किये थे. नवंबर में विदेशी निवेशकों ने 62,951 करोड़ रुपये निवेश किए. जबकि अक्टूबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अक्टूबर में 22,033 करोड़ रुपये निवेश किए. (Photo: File)
शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन की आने से भारतीय बाजारों को लेकर निवेशकों का विश्वास बढ़ा है. क्योंकि आर्थिक गतिविधियों में और तेजी आ सकती है. ऐसे में विदेशी निवेशकों द्वारा निवेश का सिलसिला जा रह सकता है. 2021 के पहले कारोबारी दिन ही निफ्टी 14000 से ऊपर बंद रहने में सफल रहा. (Photo: File)
वहीं विश्लेषकों के अनुसार आगे घरेलू शेयर बाजारों को वृहत आर्थिक आंकड़े, टीकाकरण से जुड़ी खबरों और कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणाम से दिशा मिलेगी. बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी ने वर्ष 2020 में कुल मिलाकर करीब 15 प्रतिशत का लाभ दिया. सेंसेक्स में 15.7 प्रतिशत जबकि निफ्टी में 14.9 प्रतिशत की तेजी आई. (Photo: File)