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तमिलनाडु के एजुकेशनल ग्रुप के 22 ठिकानों पर इनकम टैक्स की रेड, 150 करोड़ के काले धन का पता चला 

इनकम टैक्स विभाग ने एक एजुकेशनल ग्रुप और उसके सहयोगी संस्थानों के 22 ठिकानों पर छापे डाले. विभाग को यह सूचना मिली थी कि इन संस्थानों में स्टूडेंट्स से जो फीस ली जाती है, उनको उचित तरीके से बहीखातों में नहीं दिखाया जा रहा है. 

आयकर विभाग का छापा आयकर विभाग का छापा
अक्षया नाथ/अरविंद ओझा
  • चेन्नै ,
  • 29 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 2:26 PM IST
  • एजुकेशनल ग्रुप के 22 ठिकानों पर इनकम टैक्स रेड
  • करीब 150 करोड़ के काले धन का पता लगा है
  • 5 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई

आयकर विभाग के अधिकारियों ने तमिलनाडु में स्कूल-कॉलेज चलाने वाले एक शैक्षणिक समूह के कुल 22 ठिकानों पर छापा डाला है. इनमें करीब 150 करोड़ रुपये की बिना हिसाब-किताब वाली रकम का पता चला है और 5 करोड़ रुपये की नकदी भी बरामद हुई है.

यह रेड कल यानी बुधवार को दिन में शुरू हुई और देर रात तक चलती रही. ये स्कूल-कॉलेज इरोड के एक एजुकेशनल ग्रुप से जुड़े हैं और विभाग को ये शिकायत मिली थी कि इनमें बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही है. 

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इन शहरों में पड़ा छापा 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इनकम टैक्स विभाग ने एक एजुकेशनल ग्रुप और उसके सहयोगी संस्थानों के कोयम्बटूर, इरोड, चेन्नई और नमक्कल स्थित करीब 22 ठिकानों पर छापे डाले. इनमें एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर का ठिकाना भी शामिल है. विभाग को यह सूचना मिली थी कि इन संस्थानों में स्टूडेंट्स से जो फीस ली जाती है, उनको उचित तरीके से बहीखातों में नहीं दिखाया जा रहा है. 

स्कूल की कमाई रियल एस्टेट में लगाई 

छापों से इस बात के साक्ष्य मिले हैं कि फीस को बहीखाते से छिपाने की बात सही है और बड़ी राशि इन संस्थाओं के ट्रस्टियों के व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर की जा रही थीं. ये ट्रस्टी इन पैसों को एक कंपनी के माध्यम से रियल एस्टेट में लगा रहे थे.

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इस कंपनी के दूसरे हिस्सेदारों में तिरुपुर का एक आर्किटेक्ट और एक कपड़ा कारोबारी भी शामिल है. छापे के दौरान तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया गया है और उनकी जांच की जा रही है. 

150 करोड़ का कोई हिसाब नहीं 

छापों से यह भी पता चला कि नमक्कल का सिविल कॉन्ट्रैक्टर फर्जी लेबर चार्ज, सामग्री खरीद आदि दिखाकर अपने खर्चों को काफी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता था. इस पूरे छापे के दौरान 150 करोड़ की बिना हिसाब-किताब की रकम का पता लगा है. विभाग इनसे जुड़े कई बैंक लॉकर की भी छानबीन करेगा. 
 

 

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