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Sri Lanka Crisis: श्रीलंका का आर्थिक संकट और गहराया, अब शेयर मार्केट में इतने दिन 'नो ट्रेडिंग'

Sri Lanka Crisis: श्रीलंका में आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है. पॉलिसी मेकर्स स्थिति को संभालने और सुधार लाने के लिए कई तरह के कदम उठा रहे हैं. इसी बीच शनिवार को स्टॉक मार्केट को लेकर एक नया अपडेट सामने आया.

Sri Lanka अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है Sri Lanka अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 2:47 PM IST
  • पांच दिन तक नहीं होगी ट्रेडिंग
  • धन जुटाने की कोशिश में है श्रीलंका

श्रीलंका का आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है. देश ने Hard Default से बचने के लिए हाल में ऐलान किया था कि वह कुछ समय तक दूसरे देशों के कर्ज का भुगतान नहीं कर पाएगा. इसी बीच शनिवार को नई रिपोर्ट आई कि श्रीलंका के प्रमुख शेयर बाजार कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज में 18 अप्रैल से पांच दिन तक ट्रेडिंग नहीं होगी. श्रीलंका के सिक्योरिटीज कमीशन ने कोलंबो स्टॉक एक्सचेंज को यह आदेश दिया है. इंवेस्टर्स को देश की आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए ये समय दिया गया है.

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एक्सचेंज ने कही ये बात

न्यूज एजेंसी 'ब्लूमबर्ग' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ श्रीलंका ने शनिवार को एक स्टेटमेंट जारी कर कहा, "स्टॉक एक्सचेंज के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स ने मार्केट को अस्थायी तौर पर बंद करने को कहा है."

इस स्टेटमेंट में कहा गया है कि एसईसी ने उनके द्वारा बताए गए आधारों पर सावधानीपूर्वक विचार किया और देश में वर्तमान स्थिति का शेयर बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव का मूल्यांकन किया. इसके बाद एक्सचेंज ने यह फैसला किया है. 

धन जुटाने की कोशिश में है श्रीलंका

श्रीलंका के एक शिष्टमंडल ने इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) और अन्य लेंडर्स से चार बिलियन डॉलर की मदद पाने के लिए वाशिंगटन का रुख किया है. देश इस समय अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. इस वजह से श्रीलंका में खाने और ईंधन तक की किल्लत हो गई है.  

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राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग

आर्थिक संकट की वजह से श्रीलंका में राजनीतिक संकट की स्थिति भी पैदा हो गई है. लोग राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं. 81 बिलियन डॉलर की इकोनॉमी वाले इस देश पर इस साल 8.6 बिलियन डॉलर की लोन की देनदारी है. 

हालांकि, सरकार ने हाल में सभी विदेशी कर्ज के भुगतान को कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया है. सरकार ने जरूरी सामानों एवं ईंधन के आयात के लिए फॉरेक्स बचाने के लिए ऐसा फैसला किया है.

 

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