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मारुति चेयरमैन बोले- आत्मनिर्भर जरूरी, पर चीन से कुछ आयात मजबूरी!

aajtak.in
  • 28 जून 2020,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST
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देश में हर तरफ से चीनी आयात पर लगाम या फिर रोक की आवाज उठ रही है. गलवान घाटी में चीनी सैनिकों की हरकतों से लोग गुस्से में हैं. लेकिन क्या चीन से आयात को रोकना संभव हो पाएगा? चीन के साथ उपजे मौजूदा हालात के बीच आयात को लेकर मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कई अहम बातें कही हैं. (Photo: File)

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आर सी भार्गव ने कहा है कि चीन के सामान के बहिष्कार के लिए भारत को मैन्युफैक्चरिंग को अधिक प्रतिस्पर्धी, गहरा और व्यापक बनाने की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोगों को यह ध्यान रखने की जरूरत है कि चीनी माल के बहिष्कार के चलते उन्हें उत्पादों के लिए अधिक कीमत चुकानी होगी. (Photo: File)

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पीटीआई से बातचीत में भार्गव ने कहा कि लंबे समय तक आयात करना वास्तव में किसी के व्यावसायिक हित में नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ उत्पादों का आयात जारी रहेगा, यह हमारी मजबूरी है, क्योंकि इस मामले में हमारे पास सीमित विकल्प हैं.

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आर सी भार्गव ने कहा कि चीन से कई ऐसे प्रोडक्ट भी आयात किए जाते हैं, जो भारत में उपलब्ध नहीं हैं, या फिर उनकी गुणवत्ता या कीमत में काफी अंतर है. चीन में ऐसी चीजें बहुत कम कीमत पर मिल जाती हैं.
(Photo: File)

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उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि एक समय के बाद उत्पादों का आयात रुपये के कमजोर होने से महंगा होता जाता है, अगर 10 साल पहले आप कोई सामान मंगा रहे थे, तो आज आपको वह 60 से 70 प्रतिशत महंगा मिलेगा. आयात करना किसी के व्यावसायिक हित में नहीं है. लेकिन तभी आयात करते हैं, जबकि आपके पास सीमित विकल्प हों, उन चीजों की उपलब्धता न हो. (Photo: File)

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उन्होंने कहा कि अभी जो भावना चल रही है उन सभी का जवाब यही है कि भारत मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस करे, इसे और अधिक प्रतिस्पर्धी, गहरा और व्यापक बनाएं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'आत्मनिर्भर' की जो बात की है, उसका आशय इसी से है. (Photo: File)

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ऑटो इंडस्ट्रीज पर पड़े असर का जवाब देते हुए भार्गव ने कहा कि सीमा पर जो हुआ है उसको लेकर यह स्वाभाविक प्रतिक्रिया है. पाकिस्तान के मामले में भी ऐसा हुआ था. यह नीति नहीं बन जाता. मुझे लगता है कि नीति-निर्माता कोई नीति बनाने या हटाने से पहले सावधानी से विचार करते हैं, वे भावनाओं के हिसाब से प्रतिक्रिया नहीं देते. (Photo: File)

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भारत में उद्योगों द्वारा आयात करने की वजह बताते हुए भार्गव ने कहा, 'या तो वह प्रोडक्ट भारत में बनता नहीं है, उपलब्ध नहीं है, या फिर उपलब्ध है भी, तो उसकी गुणवत्ता अच्छी नहीं है. वह काफी महंगा है.' (Photo: File)

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आयात रोकने से भारत को फायदा होगा या नुकसान, इस सवाल पर भार्गव ने कहा कि अगर गैरजरूरी सामान है, तो हमें नुकसान नहीं होगा. लेकिन अगर किसी आवश्यक सामान का आयात रोका जाता है, तो इससे हमें चीन से अधिक नुकसान होगा. इसलिए देखना होगा कि क्या आयात किया जा रहा है. यह हमारे उद्योग के लिए कितना जरूरी है. (Photo: File)

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