टेलीकॉम कंपनियों के लिए 14 फरवरी यानी शुक्रवार का दिन बुरा रहा. दरअसल, देश की टॉप टेलीकॉम कंपनियों को आज यानी शुक्रवार की रात 12 बजे से पहले एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू यानी एजीआर का बकाया चुकाना होगा.
अगर ऐसा नहीं किया तो इन कंपनियों पर सरकार की ओर से बड़ी कार्रवाई हो सकती है. वहीं अगर टेलीकॉम कंपनियों ने एजीआर की बकाया रकम का भुगतान कर दिया तो उनकी आर्थिक हालत बिगड़ जाएगी. ऐसे में सबसे बड़ा संकट टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया के सामने खड़ा होने वाला है.
बहरहाल, बिना ब्याज और जुर्माने के एयरटेल को 21,682.13 करोड़ रुपये, वोडाफोन को 19,823.71 करोड़, रिलायंस कम्युनिकेशंस को 16,456.47 करोड़ रुपये और बीएसएनएल को 2,098.72 करोड़ रुपये देने हैं. वहीं अगर ब्याज और जुर्माने की रकम को जोड़ लें तो ये बकाया 2 लाख करोड़ के पार हो जाएगा.
कोर्ट ने भी सरकार की मांग को जायज ठहराया. सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्टूबर, 2019 के अपने आदेश में टेलीकॉम कंपनियों को 23 जनवरी 2020 तक की मोहलत दी थी.
इस डेडलाइन पर रिलायंस जियो ने भुगतान तो कर दिया लेकिन अन्य टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर मोहलत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट चली गई थीं. हालांकि, अब कोर्ट ने एक बार फिर याचिका खारिज कर दी है.
याचिका खारिज करने के बाद एयरटेल ने 20 फरवरी तक 10 हजार करोड़ रुपये देने की पेशकश की है. बहरहाल, देखना अहम है कि टेलीकॉम कंपनियां आज रात तक बकाया चुका पाती हैं या नहीं.