
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को एक बार फिर लोन घोटाले का सामना करना पड़ा है. बैंक ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. (डीएचएफएल) को दिए 3,688.58 करोड़ रुपये के लोन को फ्रॉड घोषित किया है. इसके पहले नीरव मोदी और मेहुल चोकसी बैंक को 14 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगा चुके हैं.
बैंक ने गुरुवार को बताया कि उसने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लि. (डीएचएफएल) के एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) खाते में 3,688.58 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के बारे में जानकारी आरबीआई को दी है. डीएचएफएल उस समय सुर्खियों में आई थी जब एक रिपोर्ट में कहा गया कि उसने कई मुखौटा कंपनियों के जरिये कुल 97,000 करोड़ रुपये के बैंक कर्ज में से कथित रूप से 31,000 करोड़ रुपये की हेराफेरी की.
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शेयर बाजार को दी जानकारी
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पीएनबी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा है, ‘कंपनी (डीएचएफएल) के खाते में 3,688.58 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की धोखाधड़ी की रिपोर्ट आरबीआई को दी गई है.'
बैंक ने किया प्रावधान
उसने कहा कि बैंक पहले ही तय मानदंडों के तहत इसके लिये 1,246.58 करोड़ रुपये का प्रावधान यानी प्रोविजनिंग कर चुका है. डीएचएफएल पहली वित्तीय सेवा कंपनी है जो कर्ज समाधान को लेकर एनसीएलटी के पास गई. कंपनी में पिछले साल नियमों के कथित उल्लंघन की रिपोर्ट के बाद एसएफआईओ (गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय) समेत विभिन्न एजेंसियों ने जांच शुरू की.
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कई घोटाले में शामिल है DHFL
यह वही कंपनी है जिसकी येस बैंक में भी लोन धोखाधड़ी को लेकर जांच चल रही है. कंपनी के प्रमोटर वधावन बंधु गिरफ्तार हैं और प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को ही उनकी संपत्ति कुर्क की है. येस बैंक लोन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक के पूर्व प्रमुख राणा कपूर और DHFL के प्रमोटर्स कपिल वधावन और धीरज वधावन की 2400 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अटैच की है.इसमें राणा कपूर की 1000 करोड़ रुपये और वधावन बंधुओं की 1400 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी शामिल है.