दुनिया भर में अमीरों (Rich) की तादाद बढ़ रही है. अमेरिका से लेकर भारत तक में करोड़पतियों (Millionaires) की संख्या में तेजा इजाफा देखने को मिला है. लेकिन, दुनिया के एक देश ऐसा भी है जहां हर 7 में से 1 वयस्क करोड़पति है और ये आंकड़ा अमेरिका की तुलना में पांच गुना है. ये देश स्विट्जरलैंड (Switzerland) है और यहां के बिजनेसमैन खास स्ट्रेटजी अपनाते हुए अपनी संपत्ति में लगातार इजाफा कर रहे हैं, इसके बारे में एक स्थानीय उद्योगपति ने खुलासा करते हुए 7 रणनीतियां शेयर की हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में...
पहली- जोखिम कम, अवसर ज्यादा
बिजनेस टुडे पर छपी एक रिपोर्ट में स्विट्जरलैंड के एक करोड़पति टेक बिजनेसमैन ने देश के करोड़पतियों की जिन सात रणनीतियों का जिक्र किया है. उनमें पहली है जोखिम को कम करना और अवसरों को बढ़ाना. उन्होंने कहा कि विभिन्न बैंकों की अलग-अलग ताकत और ऑफर होते हैं. उदाहरण के लिए, एक बैंक रियल एस्टेट निवेश के लिए बेहतर रेट्स दे सकता है, जबकि दूसरा इंटरनेशनल बिजनेस के लिए बेहतर है. ऐसे में बिजनेसमैन अवसरों को अधिकतम करने और जोखिमों को कम करने के लिए हर बैंक के अनूठे लाभों का फायदा उठाते हैं.
दूसरी- ना डिजाइनर लोगो, ना विदेशी कारों का दिखावा
आप स्विस करोड़पतियों को डिजाइनर लोगो या विदेशी कारों का दिखावा करते नहीं कहीं नहीं देखेंगे. वे अपनी क्षमता से कम खर्च करते हैं और जो एक्स्ट्रा बचत होती है, उसे भी कहीं ना कहीं इन्वेस्ट करते हैं. यह किसी तरह की कमी के बारे में बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि संतुष्टि का उदाहरण है. यह अनुशासित दृष्टिकोण उनके धन को समय के साथ लगातार बढ़ने देता है.
तीसरी- सीमाओं से परे सोच
स्विस निवेशक सीमाओं से परे सोचते हैं. वे न केवल परिसंपत्तियों में, बल्कि निवास और नागरिकता में भी विविधता लाते हैं. कई लोगों के पास दूसरे पासपोर्ट या दूसरे देशों में निवास होते हैं, जो अधिक वित्तीय अवसरों को ओपन करते हैं. यह वैश्विक मानसिकता उनकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी और ग्रोथ कैपिसिटी को बढ़ाने में मददगार साबित होती है.
चौथी- धैर्य और लॉन्गटर्म इन्वेस्टमेंट पर फोकस
स्विस करोड़पति जल्दी अमीर बनने की योजनाओं के पीछे नहीं भागते हैं, बल्कि इसके बजाय वे धैर्य और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ पीढ़ी दर पीढ़ी धन का निर्माण करने में लगे हुए हैं. सच्चा धन जल्दी से पैसा बनाने के बारे में नहीं है, यह समय के साथ इसे बनाए रखने और बढ़ाने के बारे में है. इस सोच का सकारात्मक प्रभाव उनकी नेटवर्थ पर पड़ता है.
पांचवीं- घर खरीदने के बजाय किराए पर लेना
अमेरिका में जहां 65 फीसदी वयस्कों के पास अपना खुद का घर है, तो वहीं इसकी तुलना में स्विट्जरलैंड में केवल 41 फीसदी वयस्क ही अपने घर के मालिक हैं. स्विस मिलेनियल्स, विशेष रूप से, घर खरीदने के बजाय किराए पर लेना पसंद करते हैं. घर न खरीदने से बचाए गए पैसे को हाई रिटर्न वाले इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस में लगाते हैं, जिसके जरिए वे घर खरीदने और उसके दाम में इजाफा से कहीं ज्यादा पैसे कमा सकते हैं.
छठी- ऑटोमैटिक सेविंग्स
स्विस उद्यमियों के पैसे बनाने की स्ट्रेटजी का छठा पॉइंट उसकी सेविंग्स से जुड़ा हुआ है. दरअसल, यहां के उद्यमी अपनी आय का एक हिस्सा ऑटोमैटिक सेविंग्स मोड में रखते हैं. कमाई का ये 20-30 फीसदी हिस्सा होता है और इसे निकालकर निवेश करने के बाद बचे पैसों को किसी और चीज या अन्य खर्चों में इस्तेमाल करते हैं. यह अनुशासित दृष्टिकोण समय के साथ लगातार और पर्याप्त बचत सुनिश्चित करने के साथ उनकी दौलत में भी इजाफा करता है.
सातवीं- स्किल डेवलपमेंट में निवेश करना
स्विट्जरलैंड में शिक्षा को केवल डिग्री के लिए ही नहीं, बल्कि स्किल डेवलपमेंट ग्रोथ के लिए भी महत्व दिया जाता है. स्विस व्यक्ति अपनी वार्षिक आय का 5-10 फीसदी व्यक्तिगत विकास में निवेश करते हैं, विशेष रूप से भाषाओं, प्रौद्योगिकी और वित्तीय साक्षरता में इसका इस्तेमाल किया जाता है. ये स्ट्रेटजी भी उन्हें पर्याप्त दीर्घकालिक लाभ प्रदान करती है.