
राजधानी दिल्ली में बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हो चले हैं कि उन्हें नेताओं तक की हत्या करने में जरा भी डर-भय नहीं रह गया है. दिल्ली के जहांगीरपुरी थाना इलाके में भलस्वा रोड पर बीती रात करीब 2.30 बजे कार सवार बदमाशों ने गोली मारकर कांग्रेस नेता विनोद मेहरा की हत्या कर दी. जहांगीर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के गीता कॉलोनी के रहने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता विनोद मेहरा अलीपुर किसी की शादी में शरीक होने गए थे. अलीपुर के GTK रोड पर स्थित बैंक्वेट हॉल में आयोजित शादी समारोह में हिस्सा लेकर लौट रहे थे. लौटते वक्त वजीराबाद इलाके में एक कार में सवार कुछ लोगों से उनकी कहासुनी हो गई.
कथित तौर पर बदमाश ईको कार में सवार थे और बहुत लापरवाही से गाड़ी चला रहे थे. ऐसी भी सूचना है कि दोनों कारों में रेस जैसा भी हुआ. 43 वर्षीय विनोद मेहरा के साथ उनकी वैगनआर कार में उनका नाबालिग भांजा भी था, जिसे उन्होंने अपनी बहन से गोद ले रखा है.
लापरवाही से कार चलाने के चलते विनोद मेहरा की दूसरी कार में सवार बदमाशों के साथ कहासुनी हुई . दोनों पक्ष भलस्वा रोड फ्लाईओवर पर कार रोककर उतर गए और आपस में भिड़ गए. वाद विवाद के बीच बदमाशों ने विनोद मेहरा पर गोली चला दी. फायरिंग की घटना भलस्वा रोड फ्लाईओवर पर हुई. पुलिस को करीब 2.53 बजे PCR कॉल के जरिए घटना की सूचना मिली.
मौके पर पहुंची पुलिस ने विनोद मेहरा को पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. विनोद मेहरा की छाती के बाएं हिस्से में ठीक दिल के नीच से गोली सीने को चीरती हुई आर-पार हो गई थी.
बदमाशों ने हालांकि कार के अंदर बैठे रहे विनोद मेहरा के भांजे को कुछ नहीं किया. नाबालिग ने पुलिस को बताया कि सफेद रंग की ईको कार में बदमाश सवार थे और बदमाशों की संख्या 4-5 के करीब थी. विनोद मेहरा कांग्रेस कार्यकर्ता थे और उनकी पत्नी दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं. हालांकि विनोद मेहरा और उनकी पत्नी 5 साल से अलग अलग रह रहे है, लेकिन अभी तलाक नहीं हुआ है.
मृतक के परिवार वालों का कहना है कि सबसे पहले वह विनोद मेहरा को तिमारपुर थाने लेकर गए, जहां से पुलिस ने उनके साथ चलने से मना कर दिया. इसके बाद वे उन्हें परमानंग अस्पताल ले गए जहां उनकी मौत हो गई. पुलिस इस मामले में हमलावरों की तलाश कर रही है लेकिन इस घटना ने दोबारा पुलिस के गैर जिम्मेदाराना रवैया को उजागर कर दिया है.