
सीमा सुरक्षा बल ने सोमवार की सुबह गुरदासपुर से 40 किलोमीटर दूर धर्म कोट पत्तन नामक जगह से एक संदिग्ध पाकिस्तानी नाव बरामद की है. जिसकी सूचना एक स्थानीय मल्लाह ने अधिकारियों को दी. अब नाव की जांच की जा रही है.
यह संदिग्ध नाव गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक सेक्टर से मिली है. जो रावी नदी से बहकर भारत पहुंची है. इस नाव को सबसे पहले एक स्थानीय मल्लाह तरसेम मसीह ने देखा. तरसेम सुबह 7 बजे लोगों को रावी नदी पार करवाने के लिए पहुंचे थे. जैसे ही उन्होंने संदिग्ध नाव देखी तो उसे पार लगाकर तुरंत BSF अधिकारियों को सूचित किया.
सूचना मिलने के कुछ देर बाद ही BSF अधिकारियों ने धर्मकोट पत्तन पहुंचकर नाव को अपने कब्जे में ले लिया. नाव पठानकोट आतंकवादी हमले की बरसी से ठीक पहले मिली है. इसलिए BSF अधिकारी इसकी बारीकी से जांच कर रहे हैं.
यह नाव आसमानी नीले रंग की है. इस पर लिखा है कि यह नाव मंज़ एग्रो फार्म्स, कसर, नारोवाल से ताल्लुक रखती है. जिसका प्रबंधक मोहम्मद साजिद है. नाव पर इसकी बाकायदा पहचान संख्या 03431 237 545 अंकित है. इसके अलावा 042 36 666 195 भी लिखा हुआ है. नाव पर पाकिस्तान के राष्ट्रीय चिन्ह के अलावा उर्दू में भी कुछ लिखा गया है.
BSF के सूत्रों के मुताबिक रावी नदी में पिछले दिनों बारिश से बाढ़ आई हुई है. जिस कारण यह नाव पाकिस्तान के नारोवाल से बहकर गुरदासपुर पहुंच गई लगती है. नदी में बाढ़ आने के कारण स्थानीय मराना पत्तन पुल भी बह गया है.
दरअसल, रावी नदी पाकिस्तान के कुछ हिस्सों से बहती हुई पंजाब पहुंचती है. इसलिए अंदेशा है कि यह नाव संभवतः नदी अपने साथ बहाकर ले आई हो. यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान की कोई नाव भारत पहुंची है.
पिछले साल भी इस तरह की दो किश्तियां पंजाब में बरामद की गई थी. परंतु पिछले साल बरामद की गई नाव में सिर्फ इतना सा फर्क है कि इस नाव पर मालिक का पता और संपर्क लिखा गया है. BSF नाव को अपने कब्जे में लेकर जांच पड़ताल कर रही है.