
ओडिशा के कोणार्क स्थित सूर्य मंदिर के प्राचीन कलात्मक स्थापत्य पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोपी अभिजीत अय्यर मित्रा को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है. शीर्ष अदालत ने मित्रा की जमानत याचिका खारिज कर दी है. मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने आरोपी से कहा कि आप देश के लोगों की भावनाओं को आहत कर रहे हैं. आप किसी भी तरह की राहत पाने के हकदार नहीं हैं.
आरोपी अय्यर मित्रा ने दलील दी कि उनको जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. इस पर कोर्ट ने कहा कि अगर आपको जान का खतरा है, तो बेहतर होगा कि आप जेल के भीतर सुरक्षा की मांग करें. मित्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुताबिक ओडिशा पुलिस ने लोगों को भड़काने और जनभावनाओं को आहत करने के आरोप में उनको गिरफ्तार किया है.
मामले में आरोपी अभिजीत अय्यर मित्रा ने सीधे सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी. मित्रा ने अपनी याचिका में कहा कि ओडिशा हाईकोर्ट में इस वक्त हड़ताल चल रही है. 15 सितंबर को पूर्व सांसद बैजयंत पंडा निजी हेलिकॉप्टर से मित्रा को पुरी जिले की ओर ले गए थे. चिलका झील के ऊपर हेलिकॉप्टर उड़ाने के आरोप में उन पर पुरी जिले के सिंह द्वार थाने पर एफआईआर दर्ज हुई थी.
इसके बाद 20 सितंबर को दिल्ली में ओडिशा पुलिस ने ब्लॉगर अभिजीत अय्यर मित्रा को गिरफ़्तार कर लिया था. उन पर कोणार्क के सूर्य मंदिर पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है. ओडिशा विधानसभा में भी यह मुद्दा छाया रहा और मित्रा पर कार्रवाई की मांग की गई.
वहीं, साकेत अदालत ने ट्रांजिट रिमांड देने से इनकार करते हुए मित्रा को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि का एक जमानतदार देने पर राहत दी थी. साथ ही उन्हें 28 सितंबर तक राज्य में जांच में शामिल होने का निर्देश दिया गया था.