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TCS का वो कर्मचारी जो मोदी के खिलाफ लिखने पर देता था रेप और हत्या की धमकी

जांच में पता लगा है कि टीसीएस का आरोपी कर्मचारी महिला को इसलिए धमका रहा था क्योंकि उसने सरकार को कोसने वाले फेसबुक पर पोस्ट डाले थे.

प्रतीकात्मक फोटो. प्रतीकात्मक फोटो.
आदित्य बिड़वई
  • कोलकाता,
  • 04 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 4:22 PM IST

मोदी सरकार की आलोचना करने पर दो महिलाओं को रेप और जान से मारने की धमकी देने वाले एक कर्मचारी को आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है.

कंपनी ने यह कार्रवाई फेसबुक और ट्विटर पर वायरल हुए स्क्रीन शॉट के बाद की. टीसीएस के प्रवक्ता ने कहा कि, "सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने पर आरोपी कर्मचारी महिला को रेप करने और पति व बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहा था. हमने वायरल हुए स्क्रीन शॉट की जांच की और दोषी पाए जाने पर कंपनी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत उसे कंपनी से तत्काल बाहर कर दिया."

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बताया जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी असम की एक 19 वर्षीय लड़की को भी धमका रहा था, जिसने आरोपी के खिलाफ कोलकाता के पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा दी.

जांच में पता लगा है कि टीसीएस का आरोपी कर्मचारी महिला को इसलिए धमका रहा था क्योंकि उसने सरकार को कोसने वाले फेसबुक पर पोस्ट डाले थे.

मालूम हो कि यह पहला मौका नहीं है जब किसी बड़ी आईटी कंपनी ने अपने कर्मचारी को सोशल मीडिया साइट्स पर हेट स्पीच और भद्दे कमेंट्स करने पर कार्रवाई की हो. इसके पहले टेक महिंद्रा कंपनी ने भी इसी तरह कार्रवाई की थी.

टेक महिंद्रा ने की थी कार्रवाई...

टेक महिंद्रा ने पूर्व कर्मचारी गौरव प्रोबिर प्रामाणिक ने अपनी पूर्व बॉस ऋचा गौतम पर गे होने के कारण उनके प्रति पूर्वाग्रही होने और उनका मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था. गौरव ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात को सार्वजनिक किया था.

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प्रामाणिक द्वारा सोशल मीडिया पर गौतम के खिलाफ इन आरोपों के तुरंत बाद कंपनी ने मामले की जांच शुरू कर दी थी. ट्विटर पर खासे सक्रिय महिंद्रा गुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने खुद ट्वीट कर आश्वासन दिया था कि तथ्यों की जांच होगी और निष्पक्ष होकर इस पर फैसला किया जाएगा, जिसके बाद ऋचा को कंपनी ने तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया था. 

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