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दिल्ली: पति पर हुआ हमला तो पत्नी बनी चंडी, दो पॉकेटमार को धर दबोचा

पति को लहुलुहान देख तो जैसे मंजू दुर्गा बन बैठी. मंजू ने पीछा कर दो बदमाशों को धर दबोचा. बदमाशों ने मंजू से भी हाथापाई की और उसके हाथ पर चाकू से वार भी किया, लेकिन मंजू ने अपनी पकड़ ढीली नहीं की.

महिला ने दो पॉकेटमारों को दबोचा महिला ने दो पॉकेटमारों को दबोचा
हिमांशु मिश्रा/आशुतोष कुमार मौर्य
  • नई दिल्ली,
  • 27 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 6:17 PM IST

राजधानी दिल्ली की बसों में पॉकेटमारों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. यहां तक कि पकड़े जाने की स्थिति में पॉकेटमार घातक हमले कर भाग निकलते हैं. बीते रविवार को भी पॉकेटमारों ने कुछ ऐसा ही किया, लेकिन इस बार उनका पाला एक बहादुर महिला से पड़ गया और बाजी उलटी पड़ गई.

महिला और उसके पति ने चार-चार चोरों से लोहा ले लिया. चोरों ने पति को चाकू मारकर भागने की कोशिश की, लेकिन पति को चाकू लगा देख पत्नी ने आव देखा न ताव और 200 मीटर तक दौड़ा कर दो पॉकेटमारों को धर दबोचा. हालांकि इन सबमें पॉकेटमारों ने महिला के पति को चाकू मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.

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पुलिस के मुताबिक, बीते रविवार को अमरजीत अपनी मंजू, छोटे भाई संदीप और अपने 4 साल के बेटे के साथ चिड़ियाघर घूमने आए थे. करीब साढ़े पांच बजे अमरजीत चिड़ियाघर से बाहर आए और डीटीसी की बस में परिवार समेत सवार हो गए.

अभी बस चली ही थी कि अमरजीत की पत्नी मंजू ने देखा कि एक शख्स उनके पति की जेब से उनका मोबाइल चोरी करने की कोशिश कर रहा है. मंजू ने तुरंत उस चोर का हाथ पकड़ लिया.

हाथ पकड़े जाने के बावजूद चोर घबराया नहीं. इस बीच अमरजीत और संदीप चोर से भिड़ गए. तभी बस में ही सवार चोर के तीन अन्य साथी भी आ गए और उनके बीछ झगड़ा शुरू हो गआ.

DCP मधुर वर्मा ने बताया कि इस बीच शोर सुनकर ड्राइवर ने प्रगति मैदान बस अड्डे पर बस रोक दी. चोरों ने अमरजीत पर चाकू से कई वार किए और भागने लगे. पति को लहुलुहान देख तो जैसे मंजू दुर्गा बन बैठी.

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मंजू ने पीछा कर दो बदमाशों को धर दबोचा. बदमाशों ने मंजू से भी हाथापाई की और उसके हाथ पर चाकू से वार भी किया, लेकिन मंजू ने अपनी पकड़ ढीली नहीं की.

एक महिला को बदमाशों से लोहा देख आस-पास के लोगों ने भी हिम्मत दिखाई और मंजू की पकड़ से भागने की कोशिश कर रहे बदमाशों को घेर लिया. सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आरोपियों को अपने कब्जे में ले लिया.

पुलिस को सौंपने से पहले लोगों ने दोनों चोरों की जमकर धुनाई भी की. पुलिस के मुताबिक अमरजीत को चाकू सूरज नाम के बदमाश ने मारा था. सूरज ही इस पॉकेटमार गैंग का सरगना है.

सूरज को बैंग के बाकी बदमाश मशीन कहकर बुलाते थे. गैंग के बाकी बदमाशों को सूरज एक हजार रुपया रोजाना के रेट पर हायर करता था. पुलिस अब सूरज के फरार दो साथियों की तलाश में है.

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