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डिफेंस न्यूज

ये हैं दुनिया की 10 सबसे खतरनाक पनडुब्बियां... क्या भारत के पास है ऐसी एक भी?

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2024,
  • अपडेटेड 11:36 AM IST
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दुश्मन की नींव हिलाने के लिए कई बार पाताल से हमला करना पड़ता है. ऐसे समंदर की गहराई में मौजूद सबमरीन सबसे ज्यादा कारगर होती हैं. हम आपको बता रहे हैं दुनिया की पांच सबसे खतरनाक और ताकतवर अटैक सबमरीन्स के बारे में. क्या भारत के पास ऐसी कोई सबमरीन है, जो दुनिया के इन खतरनाक पनडुब्बियों के टक्कर की हो. सबसे ताकतवर पनडुब्बी की जानकारी आखिरी की स्लाइड में... (फोटोः गेटी)

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10. सीवूल्फ क्लास, अमेरिका 

दुनिया की सबसे शानदार और महंगी हंटर-किलर सबमरीन है. धोखा देने और बचकर हमला करने में अमेरिकी नौसेना की तकनीक सोवियत संघ से हमेशा बेहतर रही हैं. ये न्यूक्लियर अटैक सबमरीन हैं. इनकी लंबाई 353 से 452.8 फीट तक होती है. बीम 40 फीट का होता है. अधिकतम 65 km/hr की गति है. शांति से जासूसी या हमला करने के लिए इसकी गति को 37 km/hr रखी जाती है. रेंज अनलिमिटेड है. यह 1600 फीट की गहराई तक जाती है. इसमें 14 ऑफिसर और 125 नौसैनिक रह सकते हैं. इसमें 26.5 इंच के 8 टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. इसके अलावा 21 इंच व्यास वाले मिसाइलों के 50 लॉन्चपैड्स हैं. यानी 50 टोमाहॉक लैंड अटैक मिसाइल या हार्पून एंटी-शिप मिसाइल या फिर एमके 48 गाइडेड टॉरपीडो लगाए जा सकते हैं. (फोटोः US Navy)
 

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9. वर्जिनिया क्लास, अमेरिका 

अमेरिकी नौसेना की एक परमाणु ईंधन संचालित अटैक सबमरीन. यह सीवूल्फ से छोटी और सस्ती है. लेकिन बेहद घातक. इसकी लंबाई 377 से 460 फीट तक होती है. बीम 34 फीट है. यह अधिकतम 46 km/hr की रफ्तार से चल सकती है. रेंज अनलिमिटेड है. यह अधिकतम 800 फीट की गहराई तक जा सकती है. इसमें 15 ऑफिसर और 120 नौसैनिक रह सकते हैं. इसमें 12 टोमाहॉक मिसाइलों के ट्यूब्स हैं. 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 25 टॉरपीडो+मिसाइल ट्यूब्स यानी इनसे दोनों दाग सकते हैं. (फोटोः गेटी)

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8. अस्टूट क्लास, यूके 

रॉयल नेवी में हाल ही में एक नई अत्याधुनिक और खतरनाक अस्टूट क्लास सबमरीन शामिल की गई है. उनके पास ऐसी 7 पनडुब्बियां हैं. इनकी लंबाई 318.3 फीट और बीम 37.1 फीट है. इनमें रोल्स रॉयस का न्यूक्लियर रिएक्टर इंजन लगा है. इसके अलावा 600 किलोवॉट का डीजल जेनरेटर भी है. इसकी अधिकतम गति 56 km/hr है. रेंज अनलिमिटेड है. लेकिन आमतौर पर यह 90 दिनों तक पानी में रह सकती है. अधिकतम 980 फीट की गहराई तक जा सकती है. इसमें कुल मिलाकर 109 नेवी ऑफिसर और नौसैनिक रह सकते हैं. इसमें 21 इंच के छह टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. इसके अलावा 38 हथियारों के लिए स्टोवेज लगे हैं. यानी यहां से टोमाहॉक क्रूज मिसाइल या फिर स्पीयरफिश हैवीवेट टॉरपीडो दाग सकते हैं. (फोटोः US Navy)
 

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7. ग्रेनी क्लास, रूस  

ये रूस की अत्याधुनिक न्यूक्लियर पावर्ड अटैक सबमरीन है. ये रूस के अकूला क्लास से शांत हैं. इसकी लंबाई 457 फीट और बीम 43 फीट का है. सतह पर यह 37 km/hr और पानी में 52 km/hr की रफ्तार से चलती है. रेंज अनलिमिटेड है. अधिकतम 1804 फीट की गहराई तक जा सकती है. आमतौर पर 1475 फीट की गहराई में गोता लगाती है. इसमें 64 से 85 नौसैनिक रह सकते हैं. इसमें 32 ओनिक्स एंटी-शिप क्रूज मिसाइल या 40 कैलिबर एंटी-शिप, एंटी-सबमरीन और लैंड अटैक क्रूज मिसाइलें लगाई जा सकती है. साथ में 10 टॉरपीडो ट्यूब्स भी हैं. 

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6. सिएरा-2 क्लास, रूस  

रूस की काफी महंगी पनडुब्बियों में से एक है. ज्यादा कीमत के बावजूद रूसी नौसेना इसे चला रही है. ये रूस की सबसे खतरनाक पनडुब्बियों में से एक है. यह एक न्यूक्लियर अटैक सबमरीन है. जो करीब 360 फीट लंबी है. इसका बीम 47 फीट का है. पानी के ऊपर यह 18.5 km/hr की गति से चलती है. पानी के अंदर अधिकतम 59.3 km/hr की गति से चलती है. 72 नौसैनिकों के रहने की व्यवस्था है. ये 750 मीटर की गहराई तक जा सकती है. यानी 2460 फीट तक. इसके अंदर 21 इंच के 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, इसके अलावा स्टारफिश एंटी-सबमरीन वेपन, 200 किलोटन डेप्थ चार्ज या फिर 90 किलो एचई टाइप 40 टॉरपीडो या फिर 42 बारूदी सुरंग लगा सकते हैं. 

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5. इम्प्रूव्ड लॉस एंजेल्स क्लास, अमेरिका 

1988 में बनी पहली लॉस एंजेल्स क्लास सबमरीन की तुलना में इम्प्रूव्ड लॉस एंजेल्स क्लास सबमरीन सात गुना ज्यादा शांत हैं. ये न्यूक्लियर पावर्ड अटैक सबमरीन हैं. इनकी लंबाई 362 फीट और बीम 33 फीट है. सतह और पानी के अंदर इसकी गति 37 km/hr ही है, ताकि ज्यादा शोर न हो. यह 90 दिनों तक पानी के अंदर रह सकती है. इसमें 129 नौसैनिक एक साथ रह सकते हैं. इसमें 21 इंच के चार टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. 37 एमके 48 टॉरपीडो, टोमाहॉक लैंड अटैक मिसाइल या हार्पून एंटी-शिप मिसाइलें तैनात हो सकती हैं. इसके अलावा समुद्री बारूदी सुरंगें भी लगाई जा सकती हैं. (फोटोः US Navy)

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4. अकुला क्लास, रूस 

1980 के दशक में सोवियत संघ के समय बनी दुनिया की खतरनाक न्यूक्लियर अटैक सबमरीन. इसकी लंबाई 362 से 372 फीट तक होती है. बीम 45 फीट होता है. सतह पर इसकी गति 19 km/hr और गहराई में 52 से 65 km/hr है. यह अधिकतम 100 दिनों तक पानी के अंदर रह सकती है. यह पानी के अंदर अधिकतम 2000 फीट की गहराई तक जा सकती है. इसमें 62 से लेकर 73 नौसैनिक रह सकते हैं. इस पनडुब्बी में धोखा देने वाले डेकॉय लगे हैं. जो अलग-अलग तरह की आवाजें निकालकर दुश्मन की पनडुब्बियों और जहाजों को चकमा दे सकते हैं. इसमें 533 मिमी के चार टॉरपीडो ट्यूब्स हैं, जिनके जरिए 28 टॉरपीडो दागे जा सकते हैं. इसके अलावा 650 मिमी के 4 ट्यूब्स हैं, जिनसे 12 टॉरपीडो दागे दा सकते हैं. इसके अलावा सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सिस्टम लगा है. साथ में ग्रैनेट क्रूज मिसाइल या फिर कैलिबर मिसाइल दागने की व्यवस्था भी है. (फोटोः रॉयटर्स)

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3. सोरयू क्लास, जापान  

साल 2009 में जापानी मैरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्सेस ने पहले सोरयू क्लास सबमरीन की डिलिवरी ली. यह एक डीजल इलेक्ट्रिक अटैक सबमरीन है. इसकी लंबाई 275.7 फीट और बीम 29.10 फीट है. सतह पर यह 24 km/hr और पानी के अंदर 37 km/hr की रफ्तार से चलती है. इसकी रेंज 11,297 km है. इसके अंदर 9 ऑफिसर और 56 नौसैनिक रह सकते हैं. इसके अंदर 21 इंच के 6 टॉरपीडो ट्यूब्स हैं, जो 30 बार रीलोड किये जा सकते हैं. इसके अलावा टाइप 89 टॉरपीडो और हार्पून मिसाइल की क्षमता से लैस है. साथ ही ये समुद्र के अंदर बारूदी सुरंग बिछा सकती है.  (फोटोः जापान नेवी)

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2. ओहायो क्लास, अमेरिका  

दुनिया की दूसरी सबसे ताकतवर परमाणु पनडुब्बियां हैं. इनमें अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें लगाई गई हैं. ये बेहद खतरनाक होती है. इनका युद्ध में उतरना मतलब दुश्मन की तबाही पक्की है. लंबाई 560 फीट और बीम 42 फीट होता है. सतह पर इनकी गति 22 km/hr है, जबकि गहराई में ये 46 km/hr की गति से चलती हैं. खाने की सप्लाई अगर बाधित न हो तो ये असीमित समय तक पानी के अंदर रह सकती हैं. यह अधिकतम 800 फीट की गहराई तक जा सकती हैं. इसके अंदर 15 ऑफिसर्स और 140 नौसैनिक रह सकते हैं. इसमें 21 इंच के चार टॉरपीडो ट्यूब्स लगाए गए हैं. 

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1. ऑस्कर-2 क्लास, रूस  

सोवियत काल से चली आ रही न्यूक्लियर अटैक सबमरीन, जिसे रूस ने वापस अपग्रेड करके दुनिया की सबसे खतरनाक पनडुब्बी बना दिया. ये न्यूक्लियर क्रूज मिसाइल सबमरीन है. 508.9 फीट लंबी है. इसका बीम 59.9 फीट ऊंचा है. यह 120 दिनों तक पानी के अंदर रह सकती है. सतह पर इसकी गति 28 किमी प्रतिघंटा और गहराई में 59 किमी प्रतिघंटा है. अधिकतम 600 मीटर यानी 19568 फीट की गहराई तक जा सकती है. इसमें 94 से 107 नौसेनिक तैनात हो सकते हैं. इसमें 21 इंच के 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 26 इंच के दो टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. इसके अलावा 21 इंच के 828 स्टारफिश एंटी-समबरीन मिसाइल तैनात हैं. ये 15 किलोटन न्यूक्लियर वॉरहेड के साथ हमला करने वाली मिसाइलों से भी लैस है. इसमें 200 किलोटन न्यूक्लियर वॉरहेड के हथियार भी लगाए जा सकते हैं. 40 एंटी सबमरीन टॉरपीडो या फिर 32 बारूदी सुरंगें तैनात की जा सकती है. इसके अलावा इनमें 24 ग्रैनिट क्रूज मिसाइलें भी तैनात हो सकती हैं. (फोटोः रॉयटर्स)

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