रूस ने 24 फरवरी 2022 में यूक्रेन पर धावा बोला. जंग की शुरूआत की. 1000 दिन से चल रहे इस जंग में यूक्रेन के 40 हजार आम लोग मारे गए हैं. या जख्मी हुए हैं. रूस में सात लाख से ज्यादा लोग मारे गए हैं. (सभी फोटोः AP/फोटो रिसर्चः राहुल पारचा)
रूस ने इतने दिनों में थल सेना से 90,785 बार अटैक किया, जबकि रूसी एयरफोर्स ने यूक्रेन 20,767 बार यूक्रेनी अड्डों पर हमले किए. रूसी एयरफोर्स के हवाई और ड्रोन हमले की वजह से 10,025 लोग मारे गए.
24,921 घटनाओं में रूसी सैनिकों की यूक्रेनी सैनिकों की आमने-सामने भिड़ंत हुई. वहीं, यूक्रेन की सेना ने रूस के ऊपर 3518 एयर-ड्रोन स्ट्राइक किए. जिसमें रूस को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है. क्योंकि ये हमले बेहद सटीक थे.
पहले जानिए रूस को कितना नुकसान हुआ. 1000 दिन के युद्ध में रूस ने 3549 टैंक, 1736 आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल, 4955 इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल्स, 538 आर्मर्ड पर्सनल कैरियर्स, 56 माइन रेजिसटेंट एंबुश प्रोटेक्टेड व्हीकल्स और 310 इन्फैंट्री मोबिलिटी व्हीकल्स को खोया है.
इसके अलावा रूस के 293 कमांड और कम्यूनिकेशन पोस्ट, 591 इंजीनियरिंग व्हीकल्स और 3 अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स का नुकसान झेला है. इसके अलावा रूस के 84 राडार स्टेशन और 85 जैमर्स-डिसेप्सशन सिस्टम खोए हैं.
अगर मिसाइल और आर्टिलरी की बात करें तो रूस ने इस जंग में 45 सेल्फ प्रोपेल्ड एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम, 127 आर्टिलरी सपोर्ट व्हीकल्स, 417 टोड आर्टिलरी, 849 सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी और 436 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर्स खोए हैं.
इसके अलावा 56 एंटी-एयरक्राफ्ट गन, 27 सेल्फ प्रोपेल्ड एंटी-एयरक्राफ्ट गन्स और 285 सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम का नुकसान झेला है.
यूक्रेन के हमले में 132 रूसी एयरक्राफ्ट, 147 हेलिकॉप्टर्स, 18 UCAV और 496 ड्रोन्स बर्बाद हुए हैं. इसके अलावा 29 नौसैनिक युद्धपोत और पनडुब्बियां बर्बाद हुई हैं. 3721 ट्रक, गाड़ियां और जीप यूक्रेनी हमले में खत्म हो गए हैं.
इतनी बर्बादी के बाद भी रूस शांत नहीं बैठा है. उत्तर कोरिया और चीन जैसे देशों से मदद ले रहा है. परमाणु हमले की धमकी दे रहा है. तीसरे विश्व युद्ध की शुरूआत की धमकी दे रहा है.
रूस ने इस जंग की शुरूआत स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन के नाम से की थी. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह यूरोपीय इलाके में सबसे बड़ी जंग है.
2022 में रूस ने कीव के आसपास के इलाकों पर कब्जा जमाया लेकिन यूक्रेन ने इसे वापस अपने कब्जे में ले लिया. इसके बाद रूस ने यूक्रेन के मारियूपोल बंदरगाह शहर को अपने कब्जे में लिया.
सितंबर 2022 में रूस ने रिजर्व सैनिकों को भी जंग में उतार दिया. यूक्रेन ने भी करारा जवाब दिया और खारकीव पर वापस कब्जा जमाया.
फरवरी 2023 में रूस ने फिर से पूर्वी यूक्रेन की तरफ नया हमला शुरू किया. जून 2023 में वैगनर समूह के हत्यारों ने रूस के खिलाफ जंग छेड़ दी. वो रूस की सेना के खिलाफ ही जंग लड़ने लगे थे.
इसके बाद अगस्त 2024 में यूक्रेन ने रूस के कुर्स्क इलाके में तेजी से हमला बोला. उस पर कब्जा जमा लिया. अक्टूबर-नवंबर में उत्तर कोरिया के सैनिक रूसी फौज का साथ देने पहुंच गए. ताकि कुर्स्क इलाके को मुक्त कराया जा सके. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बवाल मच गया.
अमेरिका के नए चुने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भरोसा दिलाया कि वो यूक्रेन और रूस की जंग को खत्म कराएंगे. अब देखना ये है कि क्या ये बात सही होती है. या फिर पुतिन फिर से नई जंग की शुरूआत कर देंगे.