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डिफेंस न्यूज

300 ग्राम TNT, रिमोट से ब्लास्ट, सटीक टारगेट... 'ऑपरेशन किरिलोव' की Inside Story

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 18 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:59 PM IST
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रूस के न्यूक्लियर, केमिकल और बायोलॉजिकल वेपन यूनिट के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इगोर किरिलोव की मॉस्को में एक बम विस्फोट में मौत हो गई. साथ में उनका डिप्टी भी मारा गया. इस हत्या के पीछे यूक्रेन की खुफिया एजेंसी का हाथ बताया जा रहा है. यूक्रेन ने इस हत्या की जिम्मेदारी भी ली है. (फोटोः एपी)
 

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यूक्रेन के सूत्रों ने अमेरिकी मीडिया संस्थान सीबीएस न्यूज को बताया है कि सिक्योरिटी सर्विस ऑफ यूक्रेन (SBU) ने ने इगोर किलिलोव को स्पेशल ऑपरेशन के तहत मारा है.  इस दावे की पुष्टि अभी तक रूस ने नहीं की है. (फोटोः एपी)

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मंगलवार यानी 17 दिसंबर 2024 की सुबह करीब सवा चार बजे किरिलोव अपने डिप्टी के साथ एक अपार्टमेंट से निकल रहे थे, तभी वहां खड़ी एक इलेक्ट्रिक स्कूटर में धमाका हुआ. दोनों वहीं पर मारे गए. धमाके से आसपास की इमारतों के कांच भी टूट गए. (फोटोः एपी)

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SBU ने कहा है कि इगोर किरिलोव एक वॉर क्रिमिनल था. वह यूक्रेन का सटीक टारगेट था. उसने कई यूक्रेनी नागरिकों को मारा था. इसलिए ऐसी गतिविधि होना स्वाभाविक है. ये युद्धक्षेत्र है. इस वीडियो फुटेज में किरिलोव और उनका डिप्टी बाहर आते दिख रहे हैं. इसके ठीक बाद धमाका हो गया. (फोटोः रॉयटर्स)

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रूस की RIA न्यूज एजेंसी ने कहा कि रूसी सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवदेव ने कहा है कि यूक्रेन को इस हत्या के लिए भयानक नतीजे भुगतने होंगे. भयानक स्तर का बदला लिया जाएगा. (फोटोः एपी)

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रूसी नेशनल इन्वेस्टीगेटिव कमेटी की प्रवक्ता स्वेतलाना पेत्रेंको ने कहा कि स्कूटी में लगे बम को रिमोट से ट्रिगर किया गया था. जांच से पता चला है कि इस स्कूटर में करीब 300 ग्राम टीएनटी रखा था. फिलहाल जांच जारी है. (फोटोः एपी)

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स्वेतलाना ने कहा कि इस घटना को क्रेमलिन एक आतंकी घटना के तौर पर देख रही है. आपको बता दें कि किरिलोव जिस यूनिट के प्रमुख थे, उसे अमेरिका, कनाडा और इंग्लैंड ने यूक्रेन में केमिकल वेपन का इस्तेमाल करने से प्रतिबंधित कर रखा था. (फोटोः एपी)

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यूक्रेन की SBU ने कहा कि उसके पास रिकॉर्ड दर्ज है कि फरवरी 2022 से अब तक रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 4800 बार केमिकल वेपन का इस्तेमाल किया है. इसके बाद मई 2022 में ही अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने किरिलोव के खिलाफ सैंक्शन जारी किया था.  (फोटोः एपी)

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एसबीयू ने दावा किया है कि किरिलोव ने क्लोरोपिसिरीन (Chloropicrin) का इस्तेमाल किया था. जिसका इस्तेमाल पहले विश्व युद्ध के दौरान यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ किया गया था. किरिलोव इस पद पर साल 2017 से था. (फोटोः रॉयटर्स)

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मार्च 2023 से किरिलोव ने मीडिया में अपनी मौजूदगी तेजी से बढ़ा दी थी. लगातार ये आरोप लगाता रहता था कि अमेरिकी सरकार एमपॉक्स, कोविड-19 वायरस बना रहा है. साथ ही ये भी आरोप लगाता था कि अमेरिका बायोलॉजिकल हथियारों के जरिए चुन-चुनकर खास समुदायों को टारगेट कर रहा है. (फोटोः रॉयटर्स)

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