Advertisement

डिफेंस न्यूज

छोटे रनवे पर से भी टेकऑफ या लैंडिंग की क्षमता, जामनगर में क्रैश हुए Jaguar फाइटर की खासियत

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST
  • 1/9

भारतीय वायुसेना ने जामनगर में 2 अप्रैल को हुए जगुआर लड़ाकू विमान दुर्घटना पर आधिकारिक बयान जारी किया है. इसके अनुसार एक दो-सीट वाला जगुआर विमान जामनगर एयरफील्ड से उड़ान भरने के बाद रात के मिशन के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. (फोटोः पीटीआई)

  • 2/9

पायलटों को तकनीकी खराबी का सामना करना पड़ा. उन्होंने एयरफील्ड और स्थानीय आबादी को नुकसान से बचने के लिए इजेक्शन शुरू किया. दुर्भाग्य से, इस दुर्घटना में एक पायलट की मौत हो गई, जबकि दूसरे पायलट का जामनगर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. (फोटोः गेटी)

  • 3/9

जगुआर फाइटर जेट को सेपेकैट जगुआर (SEPECAT Jaguar) भी बुलाते हैं. इसे पहले ब्रिटिश और फ्रांसीसी वायुसेना इस्तेमाल करती थी. भारतीय वायुसेना में अब भी यह सेवा दे रहा है. 1968 से 1981 तक दुनिया में कुल 573 जगुआर फाइटर जेट बनाए गए. (फोटोः डिफेंस डिकोड)
 

Advertisement
  • 4/9

भारतीय वायुसेना के पास 160 जगुआर विमान हैं, जिनमें से 30 ट्रेनिंग के लिए हैं. इसका मुख्य काम ही ग्राउंड अटैक करना है. भारत में इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड बनाती है. इस विमान के कई वैरिएंट्स हैं. किसी को एक पायलट उड़ाता है. तो किसी को 2 पायलट मिलकर उड़ाते हैं.

  • 5/9

55.3 फीट लंबे विमान का विंगस्पैन 28.6 फीट है. जबकि ऊंचाई 16.1 फीट है. टेकऑफ के समय इसका अधिकतम वजन 15,700 किलोग्राम होता है. इसमें 2 रोल्स रॉयस टर्बोमेका अडोर एमके.102 के इंजन लगा है. इसमें 4200 लीटर फ्यूल आता है. इसके अलावा 1200 लीटर के ड्रॉप टैंक्स भी लगाए जा सकते हैं. (फोटोः AFP)

  • 6/9

समुद्री सतह के ऊपर इसकी अधिकतम गति 1350 किलोमीटर प्रतिघंटा है. जबकि, 36 हजार फीट की ऊंचाई पर यह 1700 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है. सारे फ्यूल टैंक अगर भरे हों तो यह 1902 किलोमीटर की रेंज कवर करता है. (फोटोः AFP)
 

Advertisement
  • 7/9

अधिकतम 46 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. ये मात्र डेढ़ मिनट में 30 हजार फीट पहुंच जाता है. इसकी बड़ी खासियत थी कि यह 600 मीटर के छोटे रनवे पर से भी टेकऑफ या लैंडिंग कर लेता था. (फोटोः गेटी)

  • 8/9

इसमें 30 मिलिमीटर के 2 कैनन लगे है, जो हर मिनट 150 गोलियां दागते हैं. इसमें कुल मिलाकर 7 हार्डप्वाइंट्स हैं. 4 अंडर विंग, 2 ओवर विंग और एक सेंट्रल लाइन में. यह 4500 किलोग्राम वजनी हथियार उठाकर उड़ान भर सकता है. 

  • 9/9

इसमें 8 Matra रॉकेट पॉड्स के साथ 68 मिलिमीटर के 18 SNEB रॉकेट लगा रहता है. इसमें एक एंटी-राडार मिसाइल, 2 हवा से हवा में मार करने वाली AIM-9 साइड विंडर मिसाइल, RudraM-1 एंटी-रेडिएशन मिसाइल, हार्पून एंटी-शिप मिसाइल, सी-ईगल एंटी-शिप मिसाइल, प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन, स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन, कई तरह के गाइडेड या अनगाइडेड बम, परमाणु बम लगाए जा सकते हैं.

Advertisement
Advertisement
Advertisement