भारत की सीमा के पास चीन का शिगात्से एयर बेस (Shigatse Air Base) मौजूद है. चीन ने यहां पर जासूसी के लिए केजे-500 अवॉक्स प्लेन, 8 जे-10 फाइटर एयरक्राफ्ट तैनात कर रखे हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि चीन ने भारतीय सीमा के पास छह जे-20 स्टेल्थ फाइटर एयरक्राफ्ट भी तैनात कर रखे हैं. (फोटोः Allsource analysis/Planet)
चीन का यह एयरबेस सिक्किम में मौजूद भारत की सीमा से मात्र 155 km दूर है. खतरा चीन के स्टेल्थ फाइटर से हो सकता है. क्योंकि इसकी स्पीड काफी ज्यादा है. यह अधिकतम 2450 km/hr की स्पीड से उड़ान भरता है. इसकी कॉम्बैट रेंज ही 2000 किलोमीटर है. (फोटोः गेटी)
J-20 स्टेल्थ फाइटर जेट चीन का पहला पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट है. जिसे जे-20 माइटी ड्रैगन भी बुलाते हैं. यह बेहद भारी और ताकतवर लड़ाकू विमान है. चीन ने इसे अमेरिकी F-22 और Su-57 से टक्कर लेने के लिए बनाया है. (फोटोः एपी)
इसे एक ही पायलट उड़ाता है. लंबाई 69.7 फीट, विंगस्पैन 42.8 फीट और ऊंचाई 15.5 फीट है. बिना हथियार और ईंधन के इसका वजन 17 हजार KG है. ऑपरेशनल रेंज 5500 KM है. (फोटोः गेटी)
यह एयरक्राफ्ट अधिकतम 66 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है. इसमें छह तरीके की मिसाइलें अंदर की तरफ लगाई जा सकती हैं. कुल मिलाकर यह 11 हजार किलोग्राम वजन के हथियार लेकर उड़ान भर सकता है. (फोटोः एपी)
इसमें इंटर्नल वेपन बे में हर तरह की दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली चार तरह की मिसाइलें लग सकती हैं. इसके अलावा इसमें दो तरह के स्मॉल डायमीटर प्रेसिशन गाइडेड बम और एक एंटी रेडिएशन मिसाइल भी तैनात कर सकते हैं. (फोटोः एपी)
इसके अलावा विमान में चार हार्डप्वाइंट्स विंग्स पाइलॉन्स में हैं. यानी पंखों के नीचे हथियार लगाने की जगह. जहां पर आमतौर पर ड्रॉप टैंक्स या मिसाइलें या रॉकेट्स लगाए जा सकते हैं, ताकि हमला करने में आसानी हो. (फोटोः एपी)
इसके अलावा इसमें AESA राडार लगा है, जो फाइटर जेट्स की दुनिया का सबसे अत्याधुनिक राडार है. इसके अलावा इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल टार्गेटिंग सिस्टम (EOTS) और इंफ्रारेड सर्च एंड ट्रैक सिस्टम लगा है. (फोटोः एपी)