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डिफेंस न्यूज

बड़ा खतरा... उत्तर कोरिया की नई मिसाइल की जद में पूरा अमेरिका, रेंज 15 हजार km... स्पीड 30 हजार km/hr

aajtak.in
  • प्योंगयांग,
  • 19 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:07 PM IST
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उत्तर कोरिया (North Korea) ने अपनी नई इंटर-कॉन्टीनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) ह्वॉसॉन्ग-18 (Hwasong-18) का सफल परीक्षण किया. टेस्ट में मिसाइल ने सभी मानकों को पूरा किया. मिसाइल लॉन्च के समय उत्तर कोरिया का शासक किम जोंग उन मौजूद था. वह इसकी सफल लॉन्चिंग से बेहद खुश दिखाई दिया. (सभी फोटोः AFP)

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उत्तर कोरिया ने दावा किया है कि उनकी यह मिसाइल 6518 किलोमीटर की ऊंचाई तक गई. इस दौरान उसने 1002 किलोमीटर की दूरी तय की. इसके बाद वह समंदर में एक खाली जगह पर बनाए गए टारगेट को हिट कर गई. आइए जानते हैं कि इस मिसाइल से क्या सच में अमेरिका को खतरा है? क्या ये मिसाइल वहां तक पहुंच पाएगी? 

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ह्वॉसॉन्ग-18 (Hwasong-18) मिसाइल तीन स्टेज की मिसाइल है. यह उत्तर कोरिया की पहली सॉलिड फ्यूल वाली मिसाइल है. जिसे उत्तर कोरिया ने ही बनाया है. इसे सबसे पहले इस साल 8 फरवरी को दिखाया गया था. जब कोरियन पीपल्स आर्मी की 75वीं वर्षगांठ थीं. 13 अप्रैल 2023 को ही इसकी पहली उड़ान की खबर आई थी. 

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किम जोंग उन ने ऐसी कितनी मिसाइलें बनवाई हैं, इसकी जानकारी तो लोगों को नहीं है. लेकिन ये जरूर पुख्ता हो चुका है कि इस मिसाइल की रेंज और ताकत बहुत ज्यादा है. 55 से 60 टन वजनी मिसाइल की लंबाई 25 मीटर और व्यास 2 मीटर है. यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. संभव है कि इसमें MIRV हथियार भी लगाए जा सकते हैं.

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MIRV का मतलब है मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल रीएंट्री व्हीकल. यानी एक ही मिसाइल से कई टारगेट पर निशाना लगाना. इस मिसाइल में सवा से लेकर डेढ़ टन वजनी हथियार को लगाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि इसकी रेंज 15 हजार किलोमीटर है. अधिकतम 6648 किलोमीटर की सीधी ऊंचाई तक जा सकता है. 

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सबसे डरावनी इसकी स्पीड है. यह मैक 25 की स्पीड में टारगेट की तरफ बढ़ती है. यानी 30,600 km/hr की रफ्तार से. इस गति से तो यह आधे घंटे से कम समय में अमेरिका तक पहुंच जाएगी. जबकि उत्तर कोरिया से अमेरिका की हवाई दूर मात्र सवा दस हजार किलोमीटर ही है. यानी और भी कम समय में ये मिसाइल अमेरिका तक पहुंच जाएगी. 

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इस मिसाइल को 9 एक्सल वाले ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर से दागा जाता है. 18 दिसंबर 2023 की टेस्टिंग को लेकर अब तक इसके कुल तीन टेस्ट हुए हैं. पहला 13 अप्रैल 2023 को और दूसरा 12 जुलाई 2023 को. तीनों ही टेस्टिंग सफल रही है. तीसरे टेस्ट में तो इस मिसाइल ने 73 मिनट की तक उड़ान भरी, फिर टारगेट को हिट किया. 

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