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रॉकेट जैसी उड़ान, मिसाइल जैसा हमला... अमेरिका ने बनाया खतरनाक आत्मघाती ड्रोन, देखिए Video

अमेरिकी कंपनी ने रीयूजेबल हमलावर ड्रोन बनाया है. यह कई मामलों में एकदम नया है घातक है. पीछा करके एरियल टारगेट पर हमला करता है. जरूरत पड़ने पर आत्मघाती हमलावर बन जाता है. वर्टिकल टेकऑफ करता है. वर्टिकल लैंडिंग करता है. उड़ते समय प्लेन की तरह तेजी से दुश्मन की तरफ बढ़ता है.

ये है वो ड्रोन जो बड़े-बड़े विमान को मारकर गिरा सकता है. (सभी फोटोः अंडुरिल) ये है वो ड्रोन जो बड़े-बड़े विमान को मारकर गिरा सकता है. (सभी फोटोः अंडुरिल)
aajtak.in
  • वॉशिंगटन,
  • 06 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 6:31 PM IST

अमेरिकी कंपनी अंडुरिल (Anduril) ने एकदम अलग तरह का ड्रोन बनाया है. यह असल में रीयूजेबल VTOL है. यानी इसे दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं. यह जेट इंजन की मदद से उड़ने वाला पहला ड्रोन है. जो किसी भी एरियल टारगेट को इंटरसेप्ट करने की ताकत रखता है. अमेरिका के इस हथियार से उसके मित्र देशों का हौसला बढ़ा है. 

ये हथियार नए जमाने का है. नए जमाने के खतरों को खत्म करने की क्षमता रखता है. जैसे दुश्मन का ड्रोन, क्रूज मिसाइल या किसी भी तरह का एयरक्राफ्ट या उड़ने वाली वस्तु. इस नए प्रोडक्ट का नाम रोडरनर (Roadrunner) है. यह सीधा टेकऑफ करता है. सीधे ही लैंड करता है. यानी वर्टिकल टेकऑफ एंड लैंडिंग (VTOL). 

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फिलहाल इस कंपनी का एक ही खरीदार देश है. वो है अमेरिका. अमेरिका ने इसके रोडरनर-एम (Roadrunner-M) वैरिएंट को खरीदा है. M मतलब म्यूनिशन यानी हथियार. रोडरनर बाकी ड्रोन से सस्ता है. साथ ही कम से कम ऊंचाई पर उड़ने वाले खतरों को पीछा करके मार देता है. अगर यह आत्मघाती हमला नहीं करता है, तो वापस बेस पर लौट आता है. 

मिसाइल की तरह करता है हमला

अंडुरिल के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर क्रिश्चियन ब्रोसे ने कहा कि यह नए जमाने का हथियार है. अभी तक ऐसा कोई हथियार नहीं बना है जो काम पूरा करके वापस लौट आए. या उसे रिकवर करके वापस इस्तेमाल किया जा सके. यह एक नई कैटेगरी का हथियार है. यह एक तरह की मिसाइल है, जो टारगेट पर हमला करने से पहले उसकी तस्वीर भेज देता है. 

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बड़े से बड़े विमान को गिरा सकता है

अगर हमला करना है तो उसे आगे बढ़ाइए, नहीं तो वापस बुला लीजिए. यह बड़े से बड़े विमान को मारकर गिरा सकता है. इसकी स्पीड काफी तेज है. यह काफी ज्यादा ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है. अंडुरिल कंपनी छह साल पुरानी है. इसका इस्तेमाल जंगल की आग बुझाने के लिए भी कर सकते हैं. यानी सार्वजनिक इस्तेमाल भी हो सकता है. 

निगरानी करो या हमला दोनों में माहिर

इस तरह के गैर-मिलिट्री इस्तेमाल के लिए ज्यादा दिक्कत भी नहीं आएगी. जैसे ऊंची इमारतों, या इलाकों पर निगरानी करना. सर्च एंड रेस्क्यू मिशन किया जा सकता है. यह घुसपैठ या ड्रग स्मगलिंग रोकी जा सकती है. इस कंपनी के फाउंडर पाल्मर लकी कहते हैं कि हम इस हथियार को हजारों की संख्या में बनाने वाले हैं. ताकि पूरी दुनिया में इस्तेमाल हो सके. 

सबसोनिक स्पीड से करता है हमला

इसे चलाने के लिए ज्यादा लोगों की जरूरत भी नहीं है. यह ड्रोन पांच फीट ऊंचा है. 4 फीट चौड़ा है. इसे विंग्स चमगादड़ की तरह हैं. बीच का हिस्सा छोटी मिसाइल की तरह दिखता है. इसकी उड़ान सबसोनिक है. यानी यह 530 किलोमीटर से लेकर 980 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तक उड़ान भर सकती है. 

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