
भारतीय नौसेना (Indian Navy) 3 फरवरी 24 को विशाखापट्टनम में नौसेना डॉकयार्ड में अपने सबसे नए सर्वे वेसल संध्याक (INS Sandhayak) कमीशन करने जा रहा है. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार मौजूद रहेंगे.
इस जहाज को मेसर्स गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता ने बनाया है. इसके अलावा ऐसे चार और सर्वे जहाज बनाए जाएंगे. इस परियोजना का संचालन भारतीय नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो करेगी. संध्याक की सारी टेस्टिंग और समुद्री ट्रायल हो चुके हैं.
जहाज की प्राथमिक भूमिका सुरक्षित समुद्री नेविगेशन को सक्षम करना है. बंदरगाहों, नौवहन चैनलों/मार्गों, तटीय क्षेत्रों और गहरे समुद्रों का पूर्ण पैमाने पर हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करना है. इसके अलावा यह जहाज कई प्रकार के नौसैनिक अभियानों को अंजाम दे सकता है.
नौसेना बेड़े में संध्याक गहरे और उथले पानी के मल्टी-बीम इको-साउंडर्स, ऑटोनॉमस अंडरवाटर वाहन, दूर से संचालित वाहन, साइड स्कैन सोनार, डेटा अधिग्रहण और प्रसंस्करण प्रणाली सहित अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक उपकरणों, सैटेलाइट बेस्ड पोजिशनिंग सिस्टम और स्थलीय सर्वेक्षण उपकरणों से लैस है.
यह जहाज अपने पुराने संध्याक रूप से अपने वर्तमान अवतार में दोबारा आया है. पिछले संध्याक को 4 जून 21 को सेवामुक्त कर दिया गया था. नया संध्याक दो डीजल इंजनों द्वारा चलता है. यह 30 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से समंदर में चल सकता है. इसकी रेंज 11 हजार किलोमीटर है. अगर गति कम की जाए तो यह 26 हजार किलोमीटर तक जा सकता है.
इसमें 18 अधिकारी और 160 नौसैनिक तैनात हो सकते हैं. 288.1 फीट लंबे जहाज का वजन 3400 टन है. यह 80 फीसदी स्वदेशी है. इसमें एक बोफोर्स 40 मिलिमीटर गन लगी है. इसमें एक चेतक हेलिकॉप्टर तैनात हो सकता है. इसकी बीम 42 फीट ऊंची है. इसकी तैनाती पूर्वी नौसैनिक कमांड विशाखापट्टनम में होगी.