
भारतीय नौसेना एमएच 60आर सीहॉक (ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर का समुद्री संस्करण) बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर को 06 मार्च 2024 को आईएनएस गरुड़, कोच्चि में कमीशन करेगी. सीहॉक्स स्क्वाड्रन को INS 334 के रूप में नौसेना में शामिल किया जाएगा.
सीहॉक्स के शामिल होने से भारतीय नौसेना अपनी समुद्री ताकत में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा. हेलीकॉप्टर को पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW), सतह पर होने वाले संघर्ष (ASUW), खोज एवं बचाव (SAR), चिकित्सा व निकासी (MediVac) और वर्टिकल रिप्लेनिशमेंट (वर्टरैप) के लिए तैयार किया गया है. यहां नीचे देखिए नौसेना द्वारा Video...
MH-60R हेलीकॉप्टर भारत की समुद्री क्षमताओं को बढ़ावा देंगे. नौसेना की पहुंच बढ़ाएगा. हिंद प्रशांत क्षेत्र में सीहॉक की तैनाती भारतीय नौसेना की समुद्री उपस्थिति को सशक्त करेगी. संभावित खतरों को दूर करेगी. इस हेलिकॉप्टर का R यानी रोमियो है.2025 तक भारतीय नौसेना को 24 रोमियो हेलिकॉप्टर मिल जाएंगे.
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किसी भी तरह के युद्धपोत पर तैनात कर सकते हैं
इसे भारतीय नौसेना के स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत INS Vikrant पर तैनात करने की योजना है. इसे फ्रिगेट, कॉर्वेट या डेस्ट्रॉयर्स से भी ऑपरेट किया जा सकता है. रोमियो को अमेरिकी कंपनी स्कोरस्की बनाती है. रोमियो के कुल 5 वैरिएंट्स हैं.
इन हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल निगरानी, जासूसी, वीआईपी मूवमेंट, हमला, सबमरीन खोजना और उसे बर्बाद करने में काम आ सकता है. रोमियो हेलिकॉप्टर पर दर्जनों सेंसर्स और रडार लगे हैं जो दुश्मन के हर हमले की जानकारी देते हैं. इसे उड़ाने के लिए 3 से 4 क्रू मेंबर्स की जरूरत होती है.
क्रू के अलावा पांच लोग और बैठ सकते हैं इसमें
इनके अलावा इसमें 5 लोग बैठ सकते हैं. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन 10,433 kg है. यानी पूरे हथियारों, यंत्रों और सैनिकों के साथ. इसकी लंबाई 64.8 फीट है. ऊंचाई 17.23 फीट है. एमएच 60आर हेलिकॉप्टर में दो जनरल इलेक्ट्रिक के टर्बोशैफ्ट इंजन लगे हैं.
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इसके मुख्य पंखे का व्यास 53.8 फीट है. यह हेलिकॉप्टर की एक बार में 830 km तक की दूरी तय कर सकता है. अधिकतम 12 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है. सीधे उठने की गति 1650 फीट प्रति मिनट है. रोमियो अधिकतम 270 km की गति से उड़ सकता है.
हेलफायर मिसाइलों से लैस, टारगेट बचता नहीं है
जरूरत पड़ने पर गति को बढ़ाकर 330 km/hr तक ले जाया जा सकता है. इससे अधिक नहीं. अब आपको बताते हैं कि इस पर किस तरह के हथियार लगाए जा सकते हैं. इस पर दो मार्क 46 टॉरपीडो या MK 50 या MK 54s टॉरपीडो लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा 4 से 8 AGM-114 Hellfire Missile लगाए जा सकते हैं.
इस हेलिकॉप्टर पर APKWS यानी एडवांस्ड प्रेसिसिशन किल वेपन सिस्टम लगा सकते हैं. इस हेलिकॉप्टर पर चार प्रकार की हैवी मशीन गन लगाई जा सकती है. जिनसे दुश्मन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना आसान हो जाता है. इसके अलावा रैपिड एयरबॉर्न माइन क्लियरेंस सिस्टम (RAMICS) और 30 मिमी की Mk 44 Mod 0 तोप लगाई जा सकती है.