
Pokharan में वायुशक्ति 2024 (Vayushakti 2024) युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना के तेजस फाइटर जेट ने एक हवाई टारगटे पर R-73 मिसाइल दागी. मिसाइल टारगेट को मिस कर गई. वहीं, राफेल फाइटर जेट से निकली Mica IR मिसाइल ने टारगेट को सटीकता से हिट किया. अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या R-73 मिसाइल का इस्तेमाल होना चाहिए? या उसकी जगह कोई और स्वदेशी या विदेशी हथियार देखा जाए.
यहां नीचे देखिए टारगेट मिस होने का Video
तेजस ने R-73 मिसाइल जब दागी तब मौसम सही था. टारगेट सामने था. लेकिन मिसाइल टारगेट के नजदीक से गुजर गई. ऐसा लगता है कि उसका फ्यूज ट्रिगर नहीं हुआ. असली वजह तो पता नहीं चली है, लेकिन इसकी जांच की जरूरत बताई जा रही है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि तेजस फाइटर जेट में इस मिसाइल को लगाया जाए या नहीं.
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वायुसेना भी R-73 मिसाइल की सीमाएं जानती है. यह मांग लगातार हो रही है कि तेजस फाइटर जेट को ASRAAM से लैस किया जाए. ताकि क्लोज कॉम्बैट के दौरान सटीक निशाना लगाया जा सके. उससे पहले ये भी जानना जरूरी है कि इसी R-73 मिसाइल विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने पाकिस्तान के F-16 फाइटर जेट को मार गिराया था. इस मिसाइल को भारत में बनाने की तैयारी चल रही थी. फिलहाल इसे रूस का टैक्टिकल मिसाइल कार्पोरेशन बनाती है.
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जानिए इस मिसाइल की ताकत और सीमाएं
भारतीय वायुसेना चाहती है कि उसके फाइटर जेट में इस मिसाइल का लेटेस्ट वर्जन R-73E मिसाइल हो. इसे आत्मनिर्भर भारत मुहिम के तहत मेक-3 प्रोजेक्ट में बनाया जाएगा. लेटेस्ट वर्जन की रेंज 30 km है. साथ ही उसमें RVV-MD टेक्नोलॉजी लगी है, जिसकी इसकी रेंज बढ़कर 40 km तक हो जाती है.
किसी भी तरह के एयरक्राफ्ट में लगा सकते हैं
यह मिसाइल डॉग फाइट के लिए ही बनी है. ये हवाई टारगेट्स को किसी भी डायरेक्शन से मार कर गिरा सकती है. चाहे दिन हो या फिर रात. यहां तक की इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर्स वाले माहौल में भी यह मिसाइल दुश्मन टारगेट पर सटीक निशाना लगाती है. इस मिसाइल को फाइटर जेट्स, बमवर्षक या फिर अटैक हेलिकॉप्टर पर लगा सकते हैं.
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2500 km/hr की स्पीड से करती है हमला
इस मिसाइल में कम्बाइन्ड गैस एयरोडायनेमिक कंट्रोल सिस्टम लगा है. जो लाइन ऑफ साइट पर 60 डिग्री तक की ताकत देता है. यानी दुश्मन पर हमला करते समय सीधी रेखा में जाती मिसाइल अचानक से इतने एंगल पर घूम भी सकती है. इसकी अधिकतम गति 2500 km/hr है. यह 2 मीटर की ऊंचाई से लेकर 20 km की ऊंचाई तक जा सकती है. अधिकतम 30 km की ऊंचाई तक जा सकती है.