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SSC CGL एग्जाम में अधिक नंबर के लिए महिला उम्मीदवार ने ठोका दावा! फर्जी मार्कशीट का केस दर्ज

एसएससी की ओर से दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, महिला उम्मीदवार ने दावा किया था कि उसने एसएससी सीजीएल स्टेज-1 की परीक्षा 103.01373 नंबर हासिल किए थे, जो योग्यता की कट-ऑफ स्कोर से अधिक था. 

सांकेतिक तस्वीर (फोटो सोर्स - Chatgpt जनरेटेड) सांकेतिक तस्वीर (फोटो सोर्स - Chatgpt जनरेटेड)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 1:33 PM IST

SSC CGL: एसएससी सीजीएल भर्ती 2022 में एक महिला उम्मीदवार का फर्जीवाड़ा सामने आया है. महिला उम्मीदवार पर एसएससी की सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी डॉक्यूमेंट सबमिट करने का आरोप लगा है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को 27 साल की महिला उम्मीदवार मानसी त्रिलोग के खिलाफ एसएससी सीजीएल 2022 परीक्षा में कथित रूप से जाली डॉक्यूमेंट्स जमा करने आरोप में जांच शुरू कर दी है.

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एसएससी की ओर से दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, महिला उम्मीदवार ने दावा किया था कि उसने एसएससी सीजीएल स्टेज-1 की परीक्षा 103.01373 नंबर हासिल किए थे, जो योग्यता की कट-ऑफ स्कोर से अधिक था. 

एफआईआर के अनुसार, छात्रा ने 20 जुलाई, 2022 को  छात्रा ने एसएससी को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जिसमें उसके परिणाम के पुनर्मूल्यांकन का अनुरोध किया गया था. वेरिफिकेशन के दौरान, आयोग ने पाया कि उसने जो मार्कशीट सबमिट की थी, वह फर्जी थी, जिसमें उसके प्राप्त अंकों से अधिक अंक थे.

जब छात्रा के दावे की जांच की गई और आधिकारिक रिकॉर्ड चेक किए गए तो पता चला कि उसने स्टेज-1 की परीक्षा में 46.77876 नंबर हासिल किए थे, जिससे वह दूसरे चरण (SSC CGL 2022 Stage II)  के लिए अयोग्य हो गई. दस्तावेजों की जांच में स्पष्ट गड़बड़ियां सामने आईं और आयोग पाया कि छात्रा ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके झूठा दावा किया था.

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एसएससी की आधिकारिक शिकायत के बाद, भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465 (जालसाजी), 467 (मूल्यवान सुरक्षा की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी) और 471 (जाली दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना) के तहत मामला दर्ज किया गया. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच अब पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि आगे की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि त्रिलोक ने अकेले ही यह काम किया या दस्तावेजों में जालसाजी करने वाले किसी गिरोह की मदद ली थी.

पीटीआई इनपुट के साथ

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