बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ने कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट शुक्रवार 31 मार्च को जारी किए हैं. कुल 81.04% स्टूडेंट्स परीक्षा में पास हुए हैं. परीक्षा में ऐसे कई स्टूडेंट्स टॉपर बने हैं, जिन्होंने अभावों से लड़कर भी हार नहीं मानी और अपनी सफलता का परचम लहराया.
परीक्षा में इस्लामिया हाईस्कूल शेखपुरा के मोहम्मद रुम्मन अशरफ ने 489 अंक (97.8%) प्राप्त करते हुए पूरे राज्य में टॉप किया है. रुम्मन आगे चलकर NDA क्रैक कर देशसेवा करना चाहते हैं. उन्हें टॉपर बनने पर 1 लाख की राशि, लैपटॉप और किंडल ई-बुक इनाम में मिले.
मेरिट लिस्ट में चौथे रैंक पर रहीं श्वेता कुमारी नवीनगर, जमुई के उत्क्रमित माध्यमिक स्कूल की छात्रा हैं. उन्होंने परीक्षा में 483/500 नंबर स्कोर किए हैं. उनके पिता एक किसान हैं. श्वेता के माता-पिता ने 10वीं भी पास नहीं की है जबकि बेटी ने जिला टॉप का उनका मान बढ़ाया है.
जयनंदन कुमार पंडित ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में 500 में से 484 अंक प्राप्त कर तीसरी रैंक हासिल की है. उनके पिता छोटी सी पान की दुकान चलाते हैं जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. जयनंदन की सफलता के बाद से ही घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.
पूर्णिया के धमदाहा की सुप्रभा भारती ने 477 अंक हासिल करके राज्य में 9वीं रैंक पाई है. उनके पिता दूध बेचने का काम करते हैं. आज इस दूधवाले की बेटी की चर्चा हर तरफ है.
मुजफ्फरपुर में अनपढ़ मजदूर पिता के बेटे सिब्तैन रज़ा ने 476 अंकों के साथ पूरे स्टेट में 10वीं रैंक हासिल की है. उन्होंने अपनी बूढ़ी दादी और चाचा के साथ रहकर पढ़ाई की थी जिनकी टायर की दुकान है. वह आगे जाकर IIT से पढ़कर इंजीनियर बनना चाहते हैं.