UP Board Exam 2021: कोरोना के खतरे के बीच यूपी के अभिभावकों और छात्रों का संशय भी अब दूर हो चुका है. सीबीएसई बोर्ड की तर्ज पर यूपी बोर्ड ने भी अपनी 12वीं की परीक्षा कैंसिल कर दी है. अब सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि यूपी बोर्ड के स्टूडेंट की मार्कशीट कैसे तैयार होगी, कैसी मार्किंग स्कीम बोर्ड अपनाएगा. बता दें कि इसके लिए सरकार ने अभी से कई बिंदु स्पष्ट कर दिए हैं. अब देखना ये है कि बोर्ड इसे कैसे लागू करेगा.
परीक्षा कैंसिल करने के साथ ही फिलहाल ये स्पष्ट कर दिया गया है कि आगे की कक्षाओं में प्रमोशन के लिए छात्रों को कोई पासिंग सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा बल्कि उनकी बाकायदा मार्कशीट तैयार होगी. 11वीं से 12वीं में प्रमोशन के लिए छात्रों के 11वीं के अंकों और 12वीं के प्री बोर्ड के अंकों को मान्यता दी जाएगी. लेकिन इस स्कीम को लेकर सीबीएसई बोर्ड को सुझाव काफी अलग दिए गए हैं.
इसके साथ ही सरकार ने 12वीं के रिजल्ट के लिए ये व्यवस्था भी दी है कि अगर किसी कारणवश छात्र ने प्री बोर्ड नहीं दिया है तो भी उसे प्रमोट किया जाएगा. इसके लिए बोर्ड दूसरी स्कीम अपनाएगा. ऐसे छात्रों का रिजल्ट तैयार करने के लिए 11वीं और 10वीं की परीक्षा के अंकों के आधार पर प्रमोट किया जाएगा.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूपी बोर्ड में 12वीं के छात्रों का सामान्य प्रमोशन होगा लेकिन वो चाहे तो अगले साल exam दे सकता है. फ़िलहाल उसको प्रमोट कर दिया जाएगा. अगर वो अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है तो अगले साल फिर से एग्जाम दे सकता है. अगर ऑफलाइन एग्जाम की स्थितियां बनती हैं तभी उन्हें ये एग्जाम देने की अनुमति दी जाएगी.
आपको बता दें कि सीबीएसई बोर्ड के छात्र-शिक्षक व अन्य हितधारक इवैल्यूएशन के इन सभी बिंदुओं को सटीक मानक नहीं मान रहे हैं. विशेषज्ञों का तर्क है कि कई बार प्री बोर्ड में 33 फीसदी पाने वाला छात्र भी मुख्य परीक्षा में 65 से 70 फीसदी अंक ले आता है. इसके अलावा 10वीं और 11वीं के अंकों के अनुसार भी इसमें अंतर होता है.
शिक्षाविदों का तर्क है कि कई बार छात्र 12वीं की प्रीबोर्ड परीक्षा के दौरान ही कई तरह के उच्च शिक्षा में प्रवेश और अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं दे रहा होता है, इसलिए प्री बोर्ड को वो उतनी गंभीरता से अटेंड नहीं करता. अक्सर ही प्री बोर्ड की तुलना में बोर्ड में अधिक अंक आते हैं. इसलिए बोर्ड को इनक्रीजिंग नंबर के अनुपात को ध्यान में रखकर मार्किंग स्कीम तैयार करनी चाहिए.
बता दें कि कोरोना के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपनी बोर्ड की परीक्षा रद्द कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया. इससे पहले सीबीएसई और आईसीएसई की 12वीं की परीक्षा कैंसिल कर दी गई थी. केंद्र के इस फैसले के बाद गुजरात, मध्य प्रदेश समेत कई बोर्ड ने अपनी परीक्षाएं रद्द कर दी थीं और अब यूपी बोर्ड ने भी परीक्षा रद्द करने का फैसला ले लिया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गुरुवार को कोरोना पर बनी टीम-9 की एक बैठक हुई. डिप्टी सीएम और माध्यमिक शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा, टीम 9 के सदस्य नही हैं. फिर भी वह बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बैठक में शामिल हुए. इस बैठक में परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया गया. यूपी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा के लिए 26,09,501 स्टूडेंट्स पंजीकृत हैं.