Advertisement

बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन को झटका, जीतनराम मांझी ने तोड़ा नाता

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले जीतन राम मांझी की पार्टी हम, महागठबंधन से अलग हो गई है. मांझी की पार्टी की कोर कमेटी ने फैसला लिया है कि वह अब महागठबंधन का हिस्सा नहीं रहेंगे.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (फाइल फोटो-PTI) बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी (फाइल फोटो-PTI)
रोहित कुमार सिंह
  • पटना,
  • 20 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 5:29 PM IST

  • HAM की कोर कमेटी का फैसला
  • JDU के पाले में जा सकते हैं मांझी

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले दोस्ती टूटने और नए रिश्ते बनने का सिलसिला जारी है. अब जीतन राम मांझी की पार्टी हम, महागठबंधन से अलग हो गई है. मांझी की पार्टी की कोर कमेटी ने फैसला लिया है कि वह अब महागठबंधन का हिस्सा नहीं रहेंगे. माना जा रहा है कि जीतन राम मांझी जेडीयू के साथ जा सकते हैं.

Advertisement

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र और हम पार्टी के एमएलसी संतोष सुमन ने कहा, “कोर समिति की बैठक में फैसला लिया गया है के महागठबंधन से हमारा दल बाहर हो जाएगा. हम लोग लगातार मांग कर रहे थे कि महागठबंधन को सही तरीके से चलाने के लिए कोआर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए मगर तेजस्वी यादव तानाशाह की तरह महागठबंधन पर अपने फैसले थोप रहे थे"

संतोष सुमन ने कहा कि महागठबंधन को लेकर तेजस्वी यादव एक तरफा फैसले ले रहे थे और छोटे दलों को तवज्जो नहीं दी जा रही थी. इस बात से उनके पिता जीतन राम माझी काफी आहत हैं.

हिंदुस्तानी और मोर्चा के भविष्य के बारे में बात करते हुए संतोष कुमार ने कहा कि पार्टी के सभी विकल्प खुले हुए हैं.

श्याम रजक RJD में हुए शामिल, DMY समीकरण से सुरक्षित की अपनी सीट

Advertisement

बताया जा रहा है कि जीतनराम मांझी की घर वापसी को लेकर जेडीयू की तरफ से पिछले कई महीनों से कवायद हो रही है. जेडीयू चाहती है कि मांझी की पार्टी हम का पूरी तरह से जेडीयू में विलय हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं होने की सूरत में मांझी की पार्टी के साथ कुछ सीटों पर समझौते का फॉर्मूला तय किया जा रहा है.

पिछले दिनों ही श्याम रजक, नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू छोड़कर आरजेडी में आए हैं. इस दौरान श्याम रजक ने नीतीश सरकार दलित विरोधी कहा था. उन्होंने कहा था कि बिहार का कोई ऐसा थाना नहीं है जहां दलितों के साथ हत्या, बलात्कार और छेड़खानी नहीं होती.

बिहार में दलित राजनीति, पासवान से लेकर मांझी तक आखिर क्यों हैं बेचैन

श्याम रजक के बयान पर जीतनराम मंझी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि श्याम रजक मंत्रिमंडल में इतने दिनों तक लाभ लेने के बाद चुनाव के समय में नीतीश कुमार को दलित विरोधी कह रहें हैं, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है. मांझी के इस बयान को उनकी घर वापसी से जोड़कर देखा जा रहा था.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement