
यूपी विधानसभा चुनाव अपने अंतिम दौर तक पहुंच चुका है. आठ मार्च को सातवें और अंतिम चरण के लिए वोटिंग होनी है. नेताओं के गले भी अब सूखते नजर आ रहे हैं. लेकिन चुनाव प्रचार बड़ा दिलचस्प रहा. किसी ने सड़कें गिनाईं तो किसी ने नोटबंदी के फायदे. किसी ने मजबूत इरादों का भरोसा दिलाया तो किसी ने वादाखिलाफी पर फिल्मी डायलॉग से चोट की. कुल मिलाकर चुनाव प्रचार में 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से लेकर गब्बर तक छाए रहे. यानी वोट की अपील एकदम फिल्मी अंदाज में हुई.
राहुल का 'गब्बर'
यूपी में चुनाव प्रचार के दौरान फिल्म डायलॉग की शुरुआत कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने की. राहुल ने अपनी जनसभाओं में लगातार 2014 लोकसभा चुनाव में किए गए पीएम मोदी के वायदों पर चोट की. राहुल ने पीएम मोदी के ढाई साल के कार्यकाल को दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे फिल्म के उदाहरण से समझाया. उन्होंने तंज कसा कि फिल्म तो अच्छे दिन लाने की दिखाई गई थी ढाई साल बीत जाने के बाद भी नतीजा शोले के गब्बर वाला रहा. आपको याद ही होगा कि शोले फिल्म में अमजद खान ने डाकू का किरदार निभाया था जिसका नाम गब्बर था. अमेठी में एक सभा के दौरान राहुल ने भाजपा पर नफरत फैलाने का आरोप मढ़ते हुए पुराने गीत का इस्तेमाल किया था. राहुल ने गीत सुनाया था, तू ना हिन्दू बनेगा, ना मुसलमान बनेगा, इंसान की औलाद है इंसान बनेगा.
पीएम का 'बाहुबली'
प्रधानमंत्री नरेंद्र भी फिल्मी डायलॉग मारने में पीछे नहीं रहे. मऊ की रैली में पीएम मोदी ने बाहुबली फिल्म का जिक्र किया. पीएम ने जनता से पूछा, बताइए कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? मोदी ने कहा कि कटप्पा ने बाहुबली का सब कुछ तबाह कर दिया था. मोदी ने बाहुबली की तुलना अपने सहयोगी दल के उम्मीदवार से की.
मोदी ने सपा-कांग्रेस के गठबंधन की तुलना हिंदी फिल्म से थी. पीएम ने कहा था , कि फिल्म के पहले हिस्से में सबकुछ अच्छा चलता है लेकिन इंटरवल के बाद मामला बिगड़ जाता है.
ये अंगना किसी और का है
मोदी-राहुल ही नहीं डिंपल ने भी फिल्मी अंदाज में जनता को हंसाने का काम किया. जब पीएम मोदी ने कहा कि यूपी ने उन्हें गोद लिया है. तो डिंपल यादव ने इसके जवाब में कहा, 'मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है' ? इस गाने के साथ डिंपल ने मोदी को बाहरी बताया.
वहीं सोशल मीडिया पर भी वीडियो के जरिए फिल्मी अंदाज में चुनाव प्रचार किया जा रहा है. अखिलेश यादव को एक वीडियो में डॉन, रईस और कृष दिखाया गया है. बसपा सुप्रीमो मायावती को भी एक वीडियो में मर्दानी के रूप में दिखाया गया है.
कुल मिलाकर व्यक्तिगत आरोप की बात हो या सरकार की नीतियों का विरोध, जुमलेबाजी से लेकर फिल्मी अंदाज में डायलॉग डिलीवरी, यूपी चुनाव प्रचार में सब कुछ दिखा. कब्रिस्तान से लेकर श्मशान और गुजरात के गधों का बखान, प्रचार में सब जायज नजर आया.