
एजेंडा आजतक के विशेष सत्र 'क्या राम मंदिर बनेगा 2019 का मुद्दा?' में एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन अंजना ओम कश्यप ने किया. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस रेनबो पार्टी है, सबको साथ लेकर चलती है. मुझे भगवा रंग पसंद है और मैं अक्सर पहनता हूं. इसका मतलब यह नहीं कि मैं बीजेपी का हो गया. वहीं पटेल आरक्षण के मुद्दे पर सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस ने हार्दिक पटेल के सामने बस प्रस्ताव रखा कि सरकार में आने के बाद कांग्रेस किस तरह से पटेलों के लिए आरक्षण का प्रावधान कर सकती है.
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने एक सवाल पर कहा कि भगवा रंग भारत का गौरवशाली रंग है. बीजेपी की मोनोपॉली नहीं है. वहीं संविधान में भारत के तीनों श्वेत, हरे और भगवे रंग पर चर्चा की गई है. वहीं एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि दोनों समझते है कि मैं उमराव जान हूं. एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा कि मैं बता दूं कि न मैं रजिया है न ही उमराव जान. बीजेपी को विचारधारा पर हमला करेंगे तो सेक्युलर नहीं है. घोड़े की जांच होती है कि किस नस्ल का है. वैसे ही ऐसा माहौल बन गया है कि स्टैंप नहीं मारेंगे तो यह देशभक्त नहीं है.
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आरएसएस ने अंग्रेजों की गुलामी की, हमने मुकाबला किया था. बीजेपी हार्ड हिंदुत्व और कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व पर चलती. ओवैसी ने कहा कि गुजरात चुनाव में बीजेपी ने एक भी मुसलमान को टिकट नहीं दिया, लेकिन उन्हें मुस्लिम महिलाओं की चिंता सताती है. मुस्लिम वोट को नकारते हुए ओवैसी ने कहा कि मुस्लिम वोट बैंक होता तो दो सीट क्यों आती गुजरात में.
अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि संविधान इसलिए बनाते हैं कि बहुमत से देश नहीं चलता. संविधान में हर मानवाधिकार इसलिए दिया जाता है कि उसे बहुमत से छिना नहीं जा सकता. हमें ध्यान रखना है कि हिंदू पाकिस्तान न बने. एक मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान बनाया तो आरएसएस ने हिंदू राष्ट्र की थ्योरी दी. दोनों मिरर इमेज है एक दूसरे के. दोनों गलतियां करते हैं.
बीजेपी के नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि मंदिरों में नॉन हिंदुओं पर भी रोक नहीं है. बीजेपी के नेता सुधांशु त्रिवेदी ने चुनाव के समय मंदिर जाना शंका उत्पन्न करता है. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि देश जमीन का टुकड़ा नहीं, हमारे लिए चेतना का प्रतिक है. राम मंदिर भी हमारे लिए चेतना का प्रतिक है.