
राष्ट्रपति से जुड़ी खबरें कवर करने वाले पत्रकारों के संगठन वाइट हाउस करसपॉन्डेंट एसोसिएशन ने कहा है कि एयरफोर्स वन में हर चीज राष्ट्रपति के नाम पर होती है इसलिए साथ में यात्रा करने वाले वे सामान लेकर न जाएं. महीनेभर पहले राष्ट्रपति जो बाइडन ने लंबी यात्रा की थी. इस दौरान पत्रकार भी साथ में थे. सफर के बाद पाया गया कि एयरफोर्स वन में छोटी-मोटी से लेकर कई बड़ी चीजें गायब थीं. तभी प्रेस पूल को अपने व्यवहार पर चेतावनी मिली. प्रेस पूल वो समूह है जो प्रेसिडेंशियल प्लेन में सफर करता है.
क्या-क्या गायब बताया जा रहा
प्रेसिडेंट को लेकर सफर करने वाले जहाज में सोने, खाने सबका बढ़िया इंतजाम रहता है. इसमें जो भी सामान होता है, उसपर एयरफोर्स वन खुदा रहता है. ये लिखे हुए तकिए के कवर, तौलिए, चादरें, प्लेट, चम्मचें, कांच का सामान गायब हो रहे हैं. सोने की नक्काशी वाली प्लेटें भी हैं, जो लगातार कम हो रही हैं. हर यात्रा के बाद जब काउंटिंग होती है तो ये चीजें घट जाती हैं.
क्या एक्शन लिया गया
वाइट हाउस करसपॉन्डेंट एसोसिएशन ने इसपर एक वॉर्निंग ईमेल जारी करते हुए उन पत्रकारों को सचेत किया, जो साथ में यात्रा करते हैं. अमेरिकी मीडिया द पॉलिटिको में इस बाबत रिपोर्ट छपी. खुद एयरफोर्स वन ने माना था कि आइटम्स लगातार कम हो रहे हैं, साथ ही पत्रकारों से उन्हें लौटाने की भी अपील की थी.
साथ में भरोसा दिलाया गया कि उनका नाम गुप्त रहेगा. एक पत्रकार ने एयरफोर्स वन लिखा हुआ तकिए का कवर वापस भी लौटाया. वाइट हाउस ने कहा कि यह ईमेल किसी को धमकाने नहीं, बल्कि इसलिए जारी किया गया कि चोरियां रुक सकें. इसके लिए लोग खुद एक जगह तय कर सकते हैं, जहां से चोरी गया सामान कलेक्ट किया जा सके.
भीतर से कैसा है एयरफोर्स वन
अमेरिका जैसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति को लाने- ले जाने के लिए बना प्लेन भी उतना ही खास है. पहले कोई एयरफोर्स एयरक्राफ्ट इसके लिए इस्तेमाल होता था, लेकिन फिर एयरफोर्स वन के एक ही प्लेन का उपयोग खास इसी काम के लिए होने लगा. ये इसलिए भी था कि हर बार राष्ट्रपति की यात्रा से पहले अलग तैयारी की जरूरत पड़ती थी, साथ ही सिक्योरिटी के इंतजाम भी करने होते थे.
विमानों का काफिला चलता है साथ
ये कस्टमाइज बोइंग है, जिसपर यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका लिखा हुआ है, साथ में अमेरिकी झंडे के अलावा राष्ट्रपति की सील भी लगी हुई है ताकि उड़ान भरते या उतरते हुए ये अलग दिखे. वाइट हाउस इस विमान को प्रेसिडेंट्स ऑफिस इन द स्काई भी कहता है. नीचे उतरने पर रिमोट लोकेशन्स पर बिना रुकावट पहुंचा जा सकें, इसके लिए अलग-अलग गाड़ियां होती हैं. ये गाड़ियां एयर फोर्स की दूसरी प्लेन्स में लदी होती हैं, जो प्रेसिडेंशियल प्लेन के पीछे-पीछे उड़ान भरते हैं.
इतना स्पेस और व्यवस्थाएं हैं अंदर
एयरक्राफ्ट का इंटीरियर बहुत शानदार है. राष्ट्रपति अक्सर सीनियर एडवाइजर्स, सीक्रेट सर्विस अफसरों, मेहमानों या पत्रकारों के साथ सफर करते हैं. सारे लोग ठीक से रह सकें, इसके लिए अंदर 4 हजार स्क्वायर फीट का फ्लोर स्पेस है. प्रेसिडेंट के लिए अलग से कमरा, ऑफिस, बाथरूम और कॉन्फ्रेंस रूम हैं. इसमें मेडिकल सुइट भी है, जहां सर्दी-बुखार का ही इलाज नहीं होता, बल्कि जरूरत पड़ने पर मुश्किल से मुश्किल ऑपरेशन भी किया जा सकता है. इसके लिए हर वक्त डॉक्टर साथ चलते हैं.
खाने का भरना होता है बिल
खाने-पीने की व्यवस्था के लिए दो अलग किचन हैं, हरेक किचन एक समय पर सौ लोगों को खाना परोस सकता है. ये खाना वाइट हाउस की तर्ज पर होता है. इसे सोने के किनारों वाली फाइन चाइना प्लेट्स में परोसा जाता है. लेकिन एक रूल काफी अलग है. हरेक को अपने खाने का बिल खुद भरना होता है, सिवाय राष्ट्रपति और वाइट हाउस के आमंत्रित मेहमानों के. यहां तक कि जो प्रेस पूल या अधिकारी साथ हैं, या बाकायदा बुलाया गया है, उन्हें भी अपना फूड बिल देना होता है.
विमान को इस तरह कस्टमाइज किया गया कि हवा में उड़ान के दौरान भी फ्यूल भरा जा सकता है ताकि वो लगातार घंटों, दिनों तक चल सके. ऐसा इजरजेंसी को ध्यान में रखते हुए किया गया. फ्लाइट में 80 से ज्यादा ऑनबोर्ड टेलीफोन और कंप्यूटर कनेक्शन हैं.