
दिल्ली के रेस्टोरेंट द्वारा खाने-पीने की चीजों पर लिए जा रहे ज्यादा वैट के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने केजरीवाल सरकार से जवाब मांगा है. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार से भी जवाब मांगा है.
याचिका में कहा गया है कि रेस्टोरेंट 18 फीसदी से ज्यादा टैक्स नहीं वसूल सकते लेकिन रेस्टोरेंट 33 से 46 फीसदी तक टैक्स वसूल रहे हैं. सरकार इसलिए चुप है क्योंकि सरकार को भी इसका एक हिस्सा मिल जाता है. लेकिन इन सब का बोझ उपभोक्ता के तौर पर आम आदमी को उठाना पड़ता है. 1 हजार रुपये के खाने पर रेस्टोरेंट 400 से 500 रुपये टैक्स के रूप मे वसूल रहा है.
याचिका में दलील दी गई है कि वैट सिर्फ सामग्री पर लगता है. जो बिल का साठ प्रतिशत होता है. बाकी 40 प्रतिशत सर्विस होती है. उस पर वैट नहीं लिया जा सकता है. इसलिए दिल्ली सरकार को निर्देश दिया जाए कि सभी रेस्टोरेंट के खिलाफ उचित कार्रवाई करे. इस मामले में अब 3 अक्टूबर को सुनवाई होगी.