
दिल्ली की तीनों एमसीडी में एल्डरमैन की नियुक्ति मुश्किल में आ गयी है. केजरीवाल सरकार के शहरी विकास विभाग से एल्डरमैन नियुक्ति की फाइल ही गायब हो गई है. ये मुसीबत यहीं खत्म नही होती क्योंकि फाइल के साथ-साथ इन नियुक्तियों से जुड़ी एक सीडी भी दिल्ली सचिवालय से नदारद है.
फाइल नहीं खोज पाए बाबू
दिल्ली सरकार में सत्ताधारी राजनीतिक दल को तीनों नगर निगम में एल्डरमैन की नियुक्ति का अधिकार होता है. आम आदमी पार्टी सरकार ने एमसीडी चुनाव शपथ ग्रहण के फौरन बाद एल्डरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी थी. लेकिन पूरे महकमे में तब हड़कंप मच गया जब नियुक्ति से जुड़े नियम देखने के लिए फाइल मांगी गई तो अधिकारी इसे खोज ही नहीं पाए.
दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
दिल्ली सरकार ने फाइल गायब होने पर विजिलेंस की जांच बिठाई है. इसी के साथ दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं. दिल्ली सरकार में शहरी विकास मंत्री सत्येन्द्र जैन ने ऑर्डर जारी करते हुए मुकदमा दर्ज करने की बात कही है. ऑर्डर में लिखा है कि संबधित फाइल गुम होने पर प्रशासनिक कार्रवाई के अलावा विजिलेंस जांच भी की जाए. जैन ने एल्डरमैन नियुक्ति से जुड़े नए नियम बनाने के निर्देश भी दिए हैं.
क्या होते हैं एल्डरमैन?
दिल्ली की तीनों एमसीडी में 10-10 एल्डरमैन नियुक्त किये जा सकते हैं. दिल्ली में सत्ता संभाल रही आम आदमी पार्टी सरकार अपने कार्यकर्ताओं या समाजसेवकों को एल्डरमैन नियुक्त करने का अधिकार रखती है. एल्डरमैन को एक चुने हुए पार्षद की तरह ही अधिकार मिलते हैं. वो सदन की बैठक में हिस्सा तो ले सकते हैं लेकिन उन्हें सदन में वोट करने का अधिकार नही होता है.