
मानसूत आते ही दिल्ली में जलभराव को लेकर चर्चा शुरू हो जाती है. हर साल सरकार और नगर निगम तैयारियों का दावा करते हैं, मगर बारिश होते ही सारी तैयारियां नालों से बाहर निकलकर सड़कों तक आ जाती हैं. इस बीच दिल्ली में जलभराव के मौजूदा हालात पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने कहा है कि बारिश होने पर जलभराव होगा.
दरअसल, उत्तरी दिल्ली निगम ने एक सर्वे कराया था. सर्वे में पाया गया कि अभी तक उत्तरी दिल्ली के 25 नालों की सफाई ही नहीं हुई है. एमसीडी का दावा है कि ये सभी नाले दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत आते हैं. नॉर्थ एमसीडी की मेयर प्रीति अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में दिल्ली सरकार को चिठ्ठी भी लिखी थी, लेकिन केजरीवाल सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है.
एमसीडी के सर्वे में केजरीवाल सरकार के पीडब्लूडी विभाग के जिन नालों की सफाई न होने की बात सामने आई है, उनमें जहांगीरपुरी नाला, लॉरेंस रोड नाला, वज़ीरपुर नाला, आजादपुर नाला और छत्रसाल स्टेडियम के पास जैसे नाले शामिल हैं.
एमसीडी का आरोप है दिल्ली में सरकार हर मुद्दे पर नगर निगम की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ लेती है, जबकि हकीकत ये है कि इतना सबकुछ होने के बावजूद PWD नालों की सफाई नहीं करा सका. जिसके चलते दिल्ली की सड़कों पर जलभराव की समस्या पैदा हो रही है.
बता दें कि दिल्ली में विकास कार्यों को लेकर एमसीडी और दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार के बीच अक्सर तकरार देखने को मिलती है. जब भी दिल्ली में जलभराव जैसी किसी समस्या को लेकर व्यवस्था पर सवाल उठते हैं, तब-तब सरकार और एमसीडी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है.