
प्रियदर्शिनी मट्टू के रेप और हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी संतोष सिंह की पैरोल याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है. जस्टिस मुक्ता गुप्ता की बेंच ने संतोष को दो हजार रुपए के मुचलके पर चार दिन की पैरोल दे दी है.
हालांकि, संतोष ने एलएलएम के पेपर देने के लिए एक हफ्ते की पैरोल मांगी थी. दिल्ली पुलिस ने पैरोल का विरोध किया था, जबकि संतोष के वकील ने दलील दी कि संतोष दो हिस्सों में एलएलएम कर रहा है. 22 मई से उसकी LLM की परीक्षा होनी है.
आपको बता दें कि पूर्व IPS के बेटे संतोष पर जनवरी 1996 में प्रियदर्शिनी मट्टू से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने का दोष साबित हुआ था. निचली अदालत ने उसे इस मामले में वर्ष 1999 में बरी कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को पलटते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया था.
इससे पहले संतोष की पैरोल पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के स्टैंडिंग काउंसिल राहुल मेहरा ने कहा कि संतोष सिंह 2012 से दो साल के एलएलएम पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहा है और उसे यह पूरा करने में कितना समय और लगेगा.
संतोष एलएलएम की परीक्षा देने के साथ बिहार में अपने एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए भी पैरोल मांग रहा है. उसने पहले भी इसी आधार पर पैरोल मांगी थी.
'कितनी बार होगी रिश्तेदार की शादी'
दिल्ली पुलिस के वकील का कहना था कि उसके रिश्तेदार की कितनी बार शादी होगी. आजकल कैदियों का पैरोल के लिए किसी कोर्स में शामिल होने का चलन बढ़ता जा रहा है. लेकिन संतोष के वकील ने कोर्ट को कहा कि संतोष दो हिस्सों में एलएलएम कर रहा है. इससे पहले मिली पैरोल में अवधि खत्म होने पर उसने सरेंडर कर दिया था.
पढ़ाई करने से नहीं रोक सकते
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि किसी को पढ़ाई करने से नहीं रोका जा सकता. लेकिन याचिकाकर्ता को बताना होगा कि उसका एलएलएम कब तक चलता रहेगा. जब घटना हुई थी जब उसकी एलएलबी पूरी हो चुकी थी और वह उस समय भी कानून में किसी और पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहा था.