गुजरात की जीवन डोर मानी जाने वाले नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के लिये शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा. आज ही सरदार सरोवर बांध के 30 दरवाजों को बंद किया गया है. दरअसल 1961 में नर्मदा पर सरदार सरोवर बांध की नीव उस वक्त के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी, जिसे सरदार वल्लभभाई पटेल की परिकल्पना के तौर पर देखा जाता है.
हालांकि इतने साल बाद आज सरदार सरोवर बांध का काम खत्म हुआ और इस पर बने 30 दरवाजों को गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने बंद किया. सरदार सरोवर बांध का काफी स्वर्णिम इतिहास रहा है.
बांध की वजह से रोज 1450 मोगावोट बिजली पैदा होगी. 68 लाख हेक्टेयर जमीन को फायदा होगा. बांध के दरवाजे बंद करने को लेकर मुख्यमंत्री विजय रुपानी का कहना है कि, बांध के बंद दरवाजों ने गुजरात के विकास के दरवाजे खोल दिए हैं तो वहीं कांग्रेस ने इसे बीजेपी का चुनावी हथकंडा बताया है.
गोपी घांघर