
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित 34 आरोपियों को हरियाणा सीबीआई कोर्ट ने शुक्रवार को समन जारी किया. इन सभी को 19 अप्रैल को पंचकूला स्थित हरियाणा की विशेष सीबीआई कोर्ट में पेश होना है.
हुड्डा के खिलाफ मानेसर जमीन घोटाले में शुक्रवार को सुनवाई हुई. मामले में अब तक सुनवाई के दौरान चालान की स्क्रूटनी जारी थी, जो अब पूरी हो चुकी है. पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा सहित 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी.
सीबीआई ने स्पेशल जज कपिल राठी के समक्ष मानेसर मामले में आरोपपत्र दाखिल कर दिए हैं. इसमें हुडडा के अलावा विधायक तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लो, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित कई बिल्डरों का नाम आया है.
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
मानेसर जमीन घोटाले को लेकर सीबीआई ने हुड्डा सहित 34 के खिलाफ 17 सितंबर 2015 को मामला दर्ज किया था. इस मामले में ईडी ने भी हुड्डा के खिलाफ सितंबर 2016 में मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था. ईडी ने हुड्डा और अन्य के खिलाफ सीबीआई की एफआईआर के आधार पर आपराधिक मामला दर्ज किया था. वहीं कांग्रेस लगातार इस कार्रवाई को सियासी रंजिश का नाम दे रही है.
क्या है मामला
इस मामले में आरोप है कि अगस्त 2014 में निजी बिल्डरों ने हरियाणा सरकार के अज्ञात जनसेवकों के साथ मिलीभगत कर गुरुग्राम जिले में मानसेर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के किसानों और भूस्वामियों को अधिग्रहण का भय दिखाकर उनकी करीब 400 एकड़ जमीन औने-पौने दाम पर खरीद ली थी. कांग्रेस की तत्कालीन हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान करीब 900 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कर उसे बिल्डर्स को औने-पौने दाम पर बेचने का आरोप है.