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6 महीने का भरोसा लेकर लौटे 6 दिन पैदल चलकर आए हजारों किसान

6 मार्च को नासिक से निकलकर किसानों का काफिला रविवार को मुंबई के ठाणे पहुंच गया था. जहां शिवसेना नेताओं ने भी उनसे मुलाकात की और समर्थन का ऐलान किया.

6 मार्च को नासिक से निकली थी किसानों की पदयात्रा 6 मार्च को नासिक से निकली थी किसानों की पदयात्रा
जावेद अख़्तर/मयूरेश गणपतये/कमलेश सुतार
  • मुंबई,
  • 12 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 8:51 PM IST

अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में नासिक से निकला आक्रोशित किसानों का जत्था मुंबई के आजाद मैदान में डटा हुआ है. पूर्ण कर्जमाफी यानी कर्जमुक्ति जैसी मांगों को लेकर ये किसान करीब 200 किलोमीटर की पदयात्रा के बाद मुंबई पहुंचे हैं. नाराज किसानों ने आज विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया थ, लेकिन फडणवीस सरकार के लिखित आश्वासन देने पर किसानों ने आंदोलन वापस लेने का भरोसा दिया है. 

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अपडेट्स...

-किसानों को वापस नासिक भेजने के लिए रेलवे दो स्पेशल ट्रेन चलाएगी.

- मुख्यमंत्री ने कहा अगले 6 महीने में किसानों के मुद्दे सुलझा लेंगे. उन्होंने कहा कि किसानों की अधिकतर मांगें मान ली गई हैं. हमने किसानों को लिखित में आश्वासन दिया है.

- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- किसानों की मांगों के लिए बातचीत कर रहे हैं.

-महाराष्ट्र के सिंचाई मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि किसानों के साथ बैठक हुई है. सभी बातों पर चर्चा हुई. किसान खुश हैं. स्वयं उनके नेता आंदोलन को खत्म करने का ऐलान करेंगे.

12-13 विषयों पर चर्चा हुई है. समाधान किया गया. कोई ऐसा मुद्दा या विषय नहीं रहा, जिसके कारण आंदोलन चले.

-तीन घंटे तक चली सरकार और किसानों के बीच बैठक.

-बैठक के बाद फडणवीस सरकार और किसानों में सहमति बनी, किसानों ने आंदोलन खत्म करने का आश्वासन दिया.

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-किसानों और सरकार के बीच चल रही बैठक खत्म, सरकार ने फॉरेस्ट लैंड पर 6 महीने के भीतर  निर्णय लेने का भरोसा दिया है. मंत्रियों का एक समूह इस मामले को देखेगा.

-अब मुख्यमंत्री फडणवीस की अध्यक्षता में विधानसभा के अंदर सभी दलों के नेता मौजूद हैं. यहां किसानों का डेलीगेशन भी है, जिनके साथ बातचीत की जा रही है.

-किसानों का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा पहुंच गया है. यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्रियों ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल से बैठक की.

-इससे पहले विधानसभा में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि किसानों की मांग को लेकर मंत्रियों की समिति और प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि किसानों की मांगों पर एक समयसीमा तय की जाएगी

-कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है यह केवल महाराष्ट्र के किसानों की मांग नहीं है, बल्कि पूरे देश के किसानों की यही समस्या है.

6 मार्च को नासिक से निकलकर किसानों के काफिले में रविवार को मुंबई पहुंचते-पहुंचते करीब 40 हजार किसान जुड़ गए. ठाणे पहुंचने पर शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री ने भी उनसे मुलाकात की और समर्थन का ऐलान किया. यहां से किसान आगे बढ़ते हुए रात के वक्त मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान पहुंच गए हैं.

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आज बच्चों की बोर्ड परीक्षा है, जिसके लिए किसान रुके हुए हैं. जैसे ही परीक्षा खत्म होगी, किसान विधानसभा का घेराव करने निकल जाएंगे.

बातचीत के लिए तैयार सरकार

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार रात कहा कि उनकी सरकार किसानों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है. उन्होंने आंदोलनरत किसानों से सोमवार को शहर में यातायात नहीं रोकने की भी अपील की है. ताकि शहर में दसवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर जाने में दिक्कत न हो.

फडणवीस ने कहा है कि सरकार उनसे बात करेगी और उनके मुद्दों को सुलझाएगी. सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है. उन्होंने कहा, 'उनकी मांगों पर चर्चा के लिए हमने मंत्रियों की एक समिति बनाई है. हमने उन्हें (किसान नेताओं) को बातचीत के लिए बुलाया है.

ये हैं किसानों की मांग

-आंदोलन कर रहे किसानों की पहली मांग पूरे तरीके से कर्जमाफी है. बैंकों से लिया कर्ज किसानों के लिए बोझ बन चुका है. मौसम के बदलने से हर साल फसलें तबाह हो रही है. ऐसे में किसान चाहते हैं कि उन्हें कर्ज से मुक्ति मिले.

- किसान संगठनों का कहना है कि महाराष्ट्र के ज्यादातर किसान फसल बर्बाद होने के चलते बिजली बिल नहीं चुका पाते हैं. इसलिए उन्हें बिजली बिल में छूट दी जाए.

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- फसलों के सही दाम न मिलने से भी वो नाराज है. सरकार ने हाल के बजट में भी किसानों को एमएसपी का तोहफा दिया था, लेकिन कुछ संगठनों का मानना था कि केंद्र सरकार की एमएसपी की योजना महज दिखावा है.

- किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें भी लागू करने की मांग किसान कर रहे हैं.

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