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गढ़चिरौली: नक्सल फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़, 2.20 करोड़ रुपए जब्त

पुलिस सभी संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी और इनपुट के आधार पर तेलंगाना से महाराष्ट्र आ रही एक एसयूवी को गोदावरी पुल पर रोक कर चेक किया गया.

वाहन के ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया है (फोटो: व्यंकटेश दुधामवार) वाहन के ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया है (फोटो: व्यंकटेश दुधामवार)
दिव्येश सिंह
  • गढ़चिरौली,
  • 05 जून 2020,
  • अपडेटेड 8:15 PM IST

  • गढ़चिरौली पुलिस की बड़ी कामयाबी, पकड़ी गई गाड़ियां
  • तेलंगाना से दो वाहनों से महाराष्ट्र लाई जा रही थी नकदी

गढ़चिरौली पुलिस ने इस हफ्ते एक बड़े ऑपरेशन के तहत नक्सली फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया. साथ ही तेलंगाना से महाराष्ट्र आ रहे दो वाहनों से 2.20 करोड़ रुपये जब्त किए. कथित तौर पर यह नकदी महाराष्ट्र के अहेरी में सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों को अंजाम देने के लिए थी.

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दरअसल, खुफिया इनपुट के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इनपुट में कहा गया था कि नकदी को तेलंगाना से महाराष्ट्र SUVs में लाया जाएगा. साथ ही गोदावरी और प्राणहिता नदियों पर बने पुलों के ऊपर से ये वाहन गुजरेंगे.

मंगलवार को गढ़चिरौली पुलिस ने पुलों पर नाकेबंदी की. गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक शैलेश बलकवडे ने बताया, 'सिरोंचा पुलिस सभी संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी और इनपुट के आधार पर तेलंगाना से महाराष्ट्र आ रही एक एसयूवी को गोदावरी पुल पर रोक कर चेक किया गया. वाहन में 1.19 करोड़ रुपए नकदी रखी हुई थी. ड्राइवर इस नकदी के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका. उसे गिरफ्तार कर लिया गया.'

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दूसरा वाहन प्राणहिता नदी के ऊपर पुल पर रोका गया. इस वाहन से करीब 99.30 लाख की नकदी जब्त की गई. इस वाहन के ड्राइवर को भी नकदी का कारण साफ नहीं करने की वजह से हिरासत में लिया गया.

सिरोंचा पुलिस के साथ गढ़चिरौली के एडिशनल एसपी अजय बंसल ने ड्राइवरों से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान ड्राइवरों की ओर से मिली जानकारी के आधार पर, गढ़चिरौली पुलिस ने गुरुवार को तेलंगाना से तेंदू पत्ता के दो ठेकेदारों को गिरफ्तार किया, जिनके निर्देश पर नकदी तेलंगाना से महाराष्ट्र ले जाई जा रही थी.

तेंदू पत्ते का मौसम शुरू हो गया है और तेलंगाना के कई ठेकेदार हर साल गढ़चिरौली से तेंदू पत्तों की तुड़ाई के अधिकार खरीदते है. यही वक्त होता है जब नक्सली कैडर मोटी रकम की उगाही करते हैं या ठेकेदार जंगलों में साल भर ऑपरेट करने के लिए नक्सलियों को प्रोटेक्शन मनी देते हैं.

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एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहचान न खोलने की शर्त पर बताया, "जिले के अहेरी उपमंडल में सक्रिय नक्सल कैडरों के लिए धन भेजा जा रहा था और सुरक्षा बलों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों के लिए इनका इस्तेमाल हो सकता था. इस ऑपरेशन ने नक्सल कैडर की फंडिंग चोक करने में मदद की है.

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नक्सल कैडर को अपने कमांडर नर्मदाक्का की गिरफ्तारी, मई के पहले सप्ताह में नक्सल डिविज़नल कमेटी मेंबर सृजनक्का की एनकाउंटर में मौत और कुछ अन्य टॉप कमांडरों के सरेंडर से करारा झटका लगा है. जिले के भामरागढ़ तालुका के पोयारकोटी कोपारशी जंगल में 17 मई को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में गढ़चिरौली पुलिस के दो कमांडो की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे.

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