
मणिपुर की पहाड़ियों में कुकी-ज़ो आदिवासियों द्वारा भारी विरोध प्रदर्शन जारी है. कुकी टोरुबुंग क्षेत्र के पास मार्च कर रहे हैं. इस बीच इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि हम आपसे अनुरोध करते हैं कि आप दोनों समुदायों कुकी, मैतेई के बीच चल रहे जातीय संघर्ष को समानता, पूर्वाग्रह रहित समाधान निकालें. ITLF ने लिखा है कि गृह मंत्री मामले की जांच सीबीआई से कराएं.
ITLF ने बुधवार को लमका जिले में कुकी-ज़ो आदिवासियों पर अत्याचार के खिलाफ एक सामूहिक रैली का आयोजन किया. जिले के हर कोने से हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने तीन स्थानों कावनपुई पब्लिक ग्राउंड, मुलवाइफेई पब्लिक ग्राउंड और पियर्सोमुन पब्लिक ग्राउंड से उपायुक्त कार्यालय के पास तुइबुओंग पीस ग्राउंड तक मार्च किया, और राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए. उन्होंने मैतेई समुदाय द्वारा आदिवासियों पर अत्याचार के मामले में जांच एजेंसियों से जांच की मांग की.
यह रैली मैतेई भीड़ द्वारा निर्दोष कुकी-ज़ो नागरिकों की कथित बर्बरतापूर्ण हत्याओं और बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को खुश करने के लिए पुलिस और सीबीआई तथा एनआईए जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा मामलों को मनमाने ढंग से चुनने के विरोध में आयोजित की गई थी. आईटीएलएफ ने कहा कि कुकी-ज़ो आदिवासियों पर दोषी ठहराए गए मामलों को तेजी से उठाया जाता है और तुरंत गिरफ्तारियां की जाती हैं. आईटीएलएफ और पूरे कुकी-ज़ो समुदाय की मांग है कि सीबीआई तुरंत मामलों की जांच करे या फिर इसे फास्ट ट्रैक करे.