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IAC Vikrant में लगे दुनिया के सबसे घातक हथियार, दुश्मन की हालत कर देंगे पस्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट करियर IAC Vikrant को भारतीय नौसेना को सौंपेंगे. इस विमानवाहक पोत के आने से देश की समुद्री सीमाएं सुरक्षित हो जाएंगी. लेकिन जानना ये जरूरी है यह सीमाओं की सुरक्षा किन हथियारों से करेगा.

IAC Vikrant पर लगे हैं ऐसे आधुनिक हथियार जो दुश्मन टारगेट को चुटकियों में ध्वस्त कर देंगे. (फोटोः Indian Navy) IAC Vikrant पर लगे हैं ऐसे आधुनिक हथियार जो दुश्मन टारगेट को चुटकियों में ध्वस्त कर देंगे. (फोटोः Indian Navy)
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 6:58 AM IST

भारत के पहले स्वदेशी विमानवाहक युद्धपोत (First Indigenous Aircraft Carrier) आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) नौसेना को सौंपेंगे. इसके आते ही देश की समुद्री सीमाएं सुरक्षित हो जाएंगी. दुश्मन समुद्र की तरफ से किसी भी हरकत को करने से पहले एक बार सोचेंगे. क्योंकि भारतीय नौसेना का 'महाबली' पोत उनके सामने खड़ा है. 

सीमाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि हमारे पास हथियार हों. उनकी ताकत और रेंज अच्छी हो. आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) पर ऐसे कौन से हथियार लगे हैं जो उसकी और देश की सुरक्षा करेंगे. तो पहले हम जानते हैं कि इस एयरक्राफ्ट करियर पर किस तरह के हथियार लगाए गए हैं. 

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बराक मिसाइल की तेज गति और राडार की पकड़ में न आने की क्षमता ही इसे घातक बनाती है. (फोटोः विकिपीडिया)

बराक-8 मिसाइल (Barak-8 Missile)

आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) पर 32 सेल्स हैं, जो वर्टिकल लॉन्चिंग सिस्टम (VLS) पर काम करती हैं. यानी चार मिसाइलों के आठ सेल्स. इनमें से 32 बराक-8 मिसाइलें (Barak-8 Missiles) निकलेंगी. ये सतह से हवा में (Surface to Air) मार करने वाली मिसाइलें हैं. जो आधा किलोमीटर से लेकर 100 किलोमीटर तक हमला या बचाव के लिए दागी जा सकती हैं. इसका वजन 275 KG है. लंबाई 4.5 मीटर है. इसपर 60 KG का वॉरहेड लगा सकते हैं. डेटोनेशन सिस्टम हार्ड टू किल है. यानी गिरा तो दुश्मन पूरी तरह से बर्बाद. यह मिसाइल बिना धुएं के उड़ती है. इसलिए आकाश में दिखती नहीं. यह 2469 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दुश्मन की ओर बढ़ती है.

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ओटोब्रेडा ड्यूल पर्पज कैनन के गोलों से दुश्मन का टारगेट बच नहीं सकता. (फोटोः विकिपीडिया)

 ओटोब्रेडा कैनन (Otobreda Cannon) 

आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) पर चार ओटोब्रेडा (Otobreda) 76 mm के ड्यूल पर्पज कैनन लगाए गए हैं. एक कैनन का वजन 7.5 टन होता है. इसकी बैरल की 186 इंच की होती है. इसे रिमोट कंट्रोल से चलाया जा सकता है. यह 76.2 मिलिमीटर कैलिबर वाली तोप है. जो माइनस 15 डिग्री से लेकर 85 डिग्री एंगल तक अपने बैरल क घुमा कर हमला कर सकती है. यह 360 डिग्री घूमकर दुश्मन के विमान, हेलिकॉप्टर, फाइटर जेट या युद्धपोत पर फायरिंग कर सकती है. कॉम्पैक्ट मोड पर यह 85 राउंड प्रति मिनट की दर से फायरिंग करती है. सुपर रैपिड मोड में 120 राउंड प्रति मिनट की दर से फायरिंग करती है. इसमें से निकलने वाले गोले 915 मीटर प्रति सेकेंड की गति से आगे बढ़ते हैं. इसकी रेंज 16 से 20 किलोमीटर तक होती है. 

सोवियत संघ के समय बनी यह तोप अब कंप्यूटराइज्ड हो चुकी है. जिधर टारगेट उधर इसकी फायरिंग. (फोटोः विकिपीडिया)

एके 630 सीआईडब्ल्यूएस (AK 630 CIWS)

आईएसी विक्रांत (IAC Vikrant) पर चार AK 630 प्वाइंट डिफेंस सिस्टम गन लगी है. यह एक क्लोज़-इन वेपन सिस्टम है. यह एक रोटरी तोप यानी घूमने वाली तोप होती है, जो टारगेट जिधर जाता है, उधर ही घूमकर उसपर ताबड़तोड़ हमला करती है. यह 1800 किलोग्राम की ऑटोमैटिक रोटरी तोप होती है. इसकी बैरल यानी नली 57 से 64 इंच हो सकती है. इसे चलाने के लिए सिर्फ एक आदमी की जरुरत होती है. यह चारों दिशाओं में किसी भी एंगल पर घूम कर दुश्मन टारगेट पर हमला कर सकती है. इसकी फायरिंग रेंज 4000 राउंड्स प्रति मिनट से लेकर 10 हजार राउंड्स प्रति मिनट है. इसकी रेंज 4000 से 5000 मीटर है. टारगेट इस रेंज में आते ही ये खुद ही फायरिंग शुरू कर देता है. इसकी गोलियों के लिए इसमें बेल्ट लगाई जाती है. ये बेल्ट 1000 राउंड से लेकर 4000 राउंड तक होती है. 

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ब्रह्मोस मिसाइल का युद्धपोत वैरिएंट का तो कोई टक्कर ही नहीं है. दुश्मन को धोखा देने में माहिर. (फोटोः PTI)

ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos Missile)

ऐसा कहा जा रहा है कि भविष्य में इसमें ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos Missile) भी लगाई जा सकती है. ब्रह्मोस की ताकत से पूरी दुनिया वाकिफ है. युद्धपोत से दागी जाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल के दो वैरिएंट्स हैं. पहला- युद्धपोत से दागी जाने वाली एंटी-शिप मिसाइल, दूसरा युद्धपोत से दागी जाने वाली लैंड-अटैक मिसाइल. ये दोनों ही मिसाइलें भारतीय नौसेना में पहले से ऑपरेशनल हैं. युद्धपोत से लॉन्च की जाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल 200KG वॉरहेड ले जा सकती है. यह मिसाइल 4321 KM प्रतिघंटा की रफ्तार. इसमें दो स्टेज का प्रोप्लशन सिस्टम लगा है. पहला सॉलिड और दूसरा लिक्विड. दूसरा स्टेज रैमजेट इंजन (Ramjet Engine) है. जो इसे सुपरसोनिक गति प्रदान करता है. साथ ही ईंधन की खपत कम करता है.

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