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'लोकसभा चुनाव तक हिमाचल में नहीं बदलेगा CM', विक्रमादित्य सिंह को कांग्रेस की दो टूक

विक्रमादित्य सिंह रविवार को दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने रविवार और फिर सोमवार को प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर नाराज विधायकों की समस्याओं से अवगत कराया था. साथ ही उन्होंने मांग की है कि पार्टी नेतृत्व नाराज विधायकों से फोन पर या उन्हें दिल्ली बुलाकर बातचीत करे.

हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह
कमलजीत संधू
  • नई दिल्ली,
  • 04 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 10:21 PM IST

हिमाचल प्रदेश में चल रहे सियासी घटनाक्रम के बीच दिल्ली पहुंचे मंत्री विक्रमादित्य सिंह को कांग्रेस नेतृत्व से कुछ खास हासिल न हो सका. सूत्रों के मुताबिक आलाकमान ने विक्रमादित्य से दो टूक कह दिया है कि हिमाचल सरकार में फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन का सवाल नहीं है. हिमाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव तक सीएम बदलने की कोई संभावना नहीं है.

सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मुख्यमंत्री सूक्खू को भी संगठन और सरकार में तालमेल बनाकर रखने के निर्देश दिए हैं. साथ ही विक्रमादित्य सिंह को भी तालमेल बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं और उन्हें बताया गया है कि नाराज विधायकों को लेकर भी सीएम सुक्खू को सामंजस्य बनाने और विधायकों की समस्याएं निपटाने के निर्देश दिए गए हैं.

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बता दें कि विक्रमादित्य सिंह रविवार को दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने रविवार और फिर सोमवार को प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात कर नाराज विधायकों की समस्याओं से अवगत कराया था. साथ ही उन्होंने मांग की है कि पार्टी नेतृत्व नाराज विधायकों से फोन पर या उन्हें दिल्ली बुलाकर बातचीत करे. उनके और प्रियंका के बीच रविवार को करीब 1:30 घंटे बातचीत हुई थी. 

क्या हुआ था हिमाचल प्रदेश में?

हिमाचल प्रदेश की सरकार का ये संकट राज्यसभा चुनाव के दौरान हुआ. हिमाचल की एक सीट पर राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा. इस हार के बड़े चर्चे इसलिए हुए, क्योंकि कांग्रेस यहां बहुमत में है, जबकि बीजेपी के सिर्फ 25 विधायक ही थे. कांग्रेस के 6 विधायकों ने बगावत कर दी. इस तरह कांग्रेस के 6 और तीन निर्दलीयों विधायकों ने चुनाव से ऐन पहले खेमा बदल लिया और बीजेपी के लिए क्रॉस वोटिंग कर दी.

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इसके चलते बीजेपी के उम्मीदवार जीत गए और कांग्रेस हार गई. इसके बाद से ही सुक्खू सरकार पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. इसके बाद से कांग्रेस डैमेज कंट्रोल में जुटी है. हालांकि पार्टी की तरफ से लगातार कहा जा रहा है कि सुक्खू सरकार को कोई खतरा नहीं है.

सुक्खू सरकार ने 5वीं गारंटी की घोषणा की

हिमाचल की कांग्रेस सरकार ने अपनी पांचवीं गारंटी की घोषणा कर दी है. सुक्खू सरकार ने कांग्रेस की 10 चुनावी गारंटियों में से 4 गारेंटियां पूरी करने का दावा किया है. हिमाचल प्रदेश में 18 साल से ऊपर की सभी महिलाओं को 1500 रुपये मासिक पेंशन देने की घोषणा की है. पहले चरण में जिला लाहौल स्पीति की महिलाओं को 1500 रुपये देने की घोषणा को पहले ही लागू कर दिया गया है. 18 से 60 साल महिलाओं की इंदिरा गांधी प्यारी बहना योजना के अंतर्गत लाया जाएगा. अगले वित्त वर्ष यानी 1 अप्रैल 2024 से योजना लागू होगी. सरकार पर हर साल 800 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आएगा.

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