Advertisement

सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं संसद भवन, मंत्रियों के ऑफिस किराये पर खर्च होता है 1000 करोड़

CPWD हलफनामे में कहा गया है कि 51 से ज्यादा केंद्रीय मंत्री अलग-अलग दफ्तरों में बैठते हैं. इसके एवज में किराए के रूप में ही सरकार को हजार करोड़ रुपए सालाना अदा करना होता है. हलफनामे में CPWD ने कहा कि एक एकीकृत बिल्डिंग से कॉर्डिनेशन, अंतरविभागीय संचार की सुविधा बढ़ेगी और एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में जाने का खर्चा भी बचेगा.

संसद भवन (फोटो- पीटीआई) संसद भवन (फोटो- पीटीआई)
संजय शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 21 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 6:26 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट में CPWD का हलफनामा
  • पुरानी हो गई संसद की मौजूदा इमारत
  • अग्निशमन और AC का इंतजाम भी नहीं
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी CPWD ने कहा है कि संसद की मौजूदा इमारत सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं है. CPWD ने कहा है कि लंबा वक्त बीत जाने की वजह से इमारत की मजबूती पर असर पड़ा है. CPWD के मुताबिक ये इमारत अग्नि सुरक्षा के मानकों पर सटीक नहीं उतरती है क्योंकि मौजूदा सुरक्षा उपाय नहीं हैं.

Advertisement

सुप्रीम कोर्ट में CPWD ने दी जानकारी

नए संसद भवन और सचिवालय के प्रोजेक्ट सेंट्रल विस्टा के निर्माण पर उठाई गई आपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का जवाब देते हुए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग यानी CPWD ने हलफनामा दाखिल करते हुए कहा कि संसद की मौजूदा इमारत सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं है.

जुगाड़ से लगाई गई हैं बिजली-पानी की सुविधाएं

CPWD के जवाबी हलफनामे के मुताबिक करीब सौ साल पहले बनी ये इमारत भूकंप रोधी भी नहीं है. इसके अलावा इस इमारत में एयरकंडिशनिंग, बिजली, संचार, पानी और गैस सप्लाई की पाइप लाइनों के लिए भी मौलिक रूप से इंतजाम ना होने से ये सारी सुविधाएं जुगाड़ से लगाई गई हैं.

पढ़ें- असदुद्दीन ओवैसी बोले- सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट रोके सरकार, बताए आगे की योजना

मंत्रियों के दफ्तर के लिए सालाना देना होता है 1000 करोड़ किराया

Advertisement

हलफनामे में कहा गया है कि 51 से ज्यादा केंद्रीय मंत्री अलग-अलग दफ्तरों में बैठते हैं. इसके एवज में किराए के रूप में ही सरकार को हजार करोड़ रुपए सालाना अदा करना होता है. हलफनामे में CPWD ने कहा कि एक एकीकृत बिल्डिंग से कॉर्डिनेशन, अंतरविभागीय संचार की सुविधा बढ़ेगी और एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर में जाने का खर्चा भी बचेगा.

पढ़ें- सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के काम पर रोक लगाने से SC का इनकार, केंद्र से मांगा जवाब

लिहाजा एक एकीकृत, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल इमारत वाले सचिवालय और संसद परिसर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिलना जरूरी है. CPWD ने कहा है कि इस इमारत के पास फिर से ग्रीन एरिया को विकसित किया जाएगा.

बता दें कि सेंट्रल विस्टा में संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, उत्तर और दक्षिण ब्लॉक की इमारतें, जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की इमारतें हैं. केंद्र सरकार एक नया संसद भवन, एक नया आवासीय परिसर बनाकर उसका पुनर्विकास करना चाह रही है जिसमें प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति के अलावा कई नए कार्यालय भवन होंगे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement