
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण की समस्या को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को चिट्ठी लिखी है. सीएम केजरीवाल ने अपने खत में लिखा कि केंद्र सरकार उत्तर भारत में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए अपने स्तर पर पहल करे.
केजरीवाल ने कहा कि प्रदूषण से निपटने के केंद्र के किसी भी उपाय का दिल्ली सरकार पूरा समर्थन करेगी. आपको बता दें कि दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर राजनीतिक घमासान जारी है. इसको लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार आमने-सामने आ गए हैं.
केजरीवाल से पहले दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने वायु प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल दागे थे. साथ ही वायु प्रदूषण को लेकर सितम्बर और अक्टूबर में होने वाली मीटिंग को तीन बार रद्द करने का आरोप लगाया.
मनीष सिसोदिया ने कहा था कि वायु प्रदूषण को लेकर पूरा उत्तर भारत परेशान है. पूरा उत्तर भारत का इलाका धुएं की चपेट में है. दिल्ली के लिए लोग काफी कुर्बानी दे रहे हैं. दिल्ली में डीजल सेट से लेकर कंस्ट्रक्शन तक पर बैन है. कूड़ा जलाने को लेकर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है.
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा था कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि दिल्ली में प्रदूषण की मुख्य वजह पराली है. उत्तर भारत में 46 प्रतिशत प्रदूषण पराली के धुएं की वजह से होता है. केंद्र सरकार ने 2 साल में 63 हजार मशीनें हरियाणा और पंजाब के किसानों को दी हैं, जबकि इन दोनों राज्यों में 26 लाख किसान हैं.
कितनी खतरनाक हो गई दिल्ली की आबोहवा?
आपको बता दें कि दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के बाद हेल्थ इमरजेंसी लगाना पड़ा है, जिसने अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी है. दिल्ली में एक्यूआई गंभीर प्लस श्रेणी में है. यहां प्रदूषण उच्चतम ग्रेड 435 तक है. पीएम 2.5 के स्तर पर हालांकि कुछ सुधार देखने को मिला है. यह शुक्रवार को 454 ग्रेड पर पहुंच चुका था. अमेरिकी दूतावास के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को सुबह नौ बजे पीएम 2.5 की संख्या आधी होकर 208 ग्रेड पर दर्ज हुई.