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हाई कोर्ट का निर्देश, आजादी से पहले के स्वतंत्रता सेनानियों की पहचान करे केंद्र

याचिका में कहा गया है कि कोर्ट सरकार को स्वतंत्रता सेनानियों के रिकॉर्ड बनाने के लिए कमेटी गठित करने का आदेश जारी करे, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को कुछ हद तक सुधारा जा सके.

दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट
पूनम शर्मा/सुरभि गुप्ता
  • नई दिल्ली,
  • 24 सितंबर 2016,
  • अपडेटेड 10:27 PM IST

स्वतंत्रता सेनानियों और देश की आजादी के दौरान अपनी जान कुर्बान करने वाले शहीदों की पहचान और रिकॉर्ड बनाने के लिए दायर याचिका पर हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है.

अल-हिंद पार्टी ने दायर की है याचिका
हाई कोर्ट ने कहा है कि सरकार याचिका को ज्ञापन के रूप में मानते हुए इस पर विचार कर निर्णय लें. ये याचिका अल-हिंद पार्टी ने दायर की है. याचिकाकर्ता के मुताबिक साल 1857 से 1947 के बीच शहीद हुए स्वतंत्रता सैनानियों की पहचान और उनका रिकॉर्ड बनाने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए.

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दयनीय स्थिति में हैं सेनानियों के परिवार
याचिकाकर्ता का दावा है कि इनमें से कई लोग ऐसे हैं, जो आज भी गुमनामी के अंधेरे में हैं और उन स्वतंत्रता सैनानियों के परिवार आज भी बेहद दयनीय स्थिति में हैं. याचिका में इस बात पर काफी हैरानी जताई गई है कि केंद्र सरकार इनके लिए कुछ नहीं कर रही है. ऐसे में कोर्ट सरकार को इनके रिकॉर्ड बनाने के लिए कमेटी गठित करने का आदेश जारी करे, जिससे स्वतंत्रता सेनानियों परिवारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को कुछ हद तक सुधारा जा सके.

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