
लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर खूनी झड़प के बाद भारतीय सेना के चीफ जनरल एमएम नरवणे लद्दाख पहुंचे हैं. आर्मी सूत्रों का कहना है कि सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे आज पूर्व लद्दाख के फॉरवर्ड लोकेशन का दौरा कर सकते हैं और एलएसी के तैनात जवानों से बातचीत करके जमीनी स्थिति से रूबरू हो सकते हैं.
सोमवार को दोनों देशों के कोर कमांडरों के बीच व्यापक वार्ता के बाद सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे आज इस क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेंगे. उनके साथ उत्तरी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और कॉर्प कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह भी फॉरवर्ड लोकेशन में जा सकते हैं.
सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे की लेह में मौजूदगी का आज दूसरा दिन है. आज ही वे अपने आर्मी कमांडर्स के साथ आमने-सामने की बातचीत करेंगे. लेह में जितने भी सेना के आलाधिकारी हैं, उन सभी के साथ मीटिंग में चीन से ताजा विवाद की जानकारी लेंगे. सेना की तैयारियों की जानकारी लेंगे. एलएसी के ताजा हालात पर बात होगी.
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इसके साथ ही सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे चीन के साथ 22 जून की बैठक में हुए फैसले की एक-एक जानकारी भी लेंगे. इसमें 14वीं कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और नॉर्दन आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाई के जोशी भी मौजूद रहेंगे, लेकिन सबसे अहम होगा कि आर्मी चीफ नरवणे अपने जवानों को क्या संदेश देंगे.
बताया जा रहा है कि शांति की पहल के बीच सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे बताएंगे कि सेना को अब आगे क्या करना है. मतलब ये कि चीन की हर चाल पर कैसे नजर रखनी है. इसके बाद आज ही श्रीनगर लौटेंगे. वहां 15वीं कोर के मुख्यालय में भी सेनाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. उस बैठक में एलओसी के ताजा हालात पर बात करेंगे.
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लेह पहुंचे आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने मंगलवार को पूरे दिन अपने जवानों के बीच बिताया. वो अस्पताल जाकर घायल सैनिकों से मिले. उनका हाल-चाल पूछा. ये वही सैनिक हैं, जो 15 जून की रात चीन के विश्वासघात का शिकार हुए थे, घायल होने के बावजूद चीन के गुमान को चकनाचूर किए थे.