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भारत-जापान के बीच हुआ ऐतिहासिक परमाणु समझौता, PM मोदी ने कहा- मिलकर करेंगे आतंक का खात्मा

इस मौके पर मोदी ने कहा कि भारत और जापान की रणनीतिक साझेदारी से समाज में शांति और समाज में बैलेंस आएगा. भारत और जापान एक साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के पीएम के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के पीएम के साथ
लव रघुवंशी
  • टोक्यो,
  • 11 नवंबर 2016,
  • अपडेटेड 9:57 AM IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जापान दौरे से भारत के लिए एक बड़ी कामयाबी मिली है. भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक परमाणु समझौता हुआ है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री के शिंजो अबे की मौजूदगी में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. दोनों देशो के बीच परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल पर सहमति बनी है.

इस मौके पर मोदी ने कहा कि भारत और जापान की रणनीतिक साझेदारी से समाज में शांति और समाज में बैलेंस आएगा. भारत और जापान एक साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है.

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जापान का NSG के लिए समर्थन
जापान ने भारत की NSG में पूर्ण सदस्यता के लिए पूर्ण समर्थन का ऐलान किया है. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने साझा प्रेस वार्ता में इसका ऐलान किया.

भारत और जापान है नैचुरल पार्टनर
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि भारत और जापान एक नैचुरल पार्टनर है और यह समझौता क्लाइमेट चेंज के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. जापान भारत के इंफ्रास्टक्चर और टेक्नालॉजी में महत्वपूर्ण साझेदार है.

इससे पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री मोदी ने एक व्यापार सभा को संबोधित करते हुए 'मेक इन इंडिया, मेड बाय जापान' का नारा दिया था.

भारत और जापान के बीच परमाणु करार होने के बाद पीएम मोदी जापान से रिश्ते को लेकर कई बड़ी बातें कहीं. उन्होंने कहा कि जापान-भारत की दोस्ती दुनिया को नई राह दिखाएगी. पढ़ें मोदी के भाषण की खास 10 बातें.

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1. प्रधानमंत्री ने प्रेस के संबोधन की शुरुआत जापानी बौद्ध धर्म की प्रसिद्ध उक्ति ‘इचिगो इचि’ से की. जिसका अर्थ होता है- ‘एक अवसर, एक मुलाकातः प्रत्येक मुलाकात खास है, हमें उन सभी पलों को सहेज कर रखना चाहिए.’

2. भारत और जापान आतंकवाद के खतरे और सीमा पार से आतंकवाद से निपटने के लिए एकजुट और दृढसंकल्प हैं.

3. भारत और जापान स्वाभाविक सहयोगी है. दोनों मुल्कों में संसाधनों के वृद्धि की पर्याप्त क्षमता है.

4. भारत अपने आर्थिक विकास की तेज गति को बनाए रखने के लिए परमाणु ऊर्जा की ओर देख रहा है.

5. इस समझौते से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और सुरक्षा संबंधों के बढ़ावा मिलेगा और अमेरिका स्थित कंपनियों को भारत में परमाणु संयंत्र स्थापित करने में सहूलियत मिलेगी.

6. मार्च 2016 से हमने भारत आने वाले जापान के लोगों के लिए वीजा की सुविधाओं को आसान कर दिया है. इसके साथ ही बिजनेस वर्ग के लिए वीजा की अवधि 10 साल के लिए बढ़ा दी गई है.

7. हमारी सामरिक साझेदारी न केवल हमारे समाज की सुरक्षा और अच्छे के लिए है बल्कि इससे इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संतुलन भी आएगा.

8. हम विनिर्माण, निवेश और 21वीं सदी के सूचना उद्योग का प्रमुख केंद्र बनने के हमारे लक्ष्य में जापान को एक सहयोगी के रूप में देखते हैं.

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9. दोनों देशों के बीच बार बार हो रही बातचीत हमारे अभियान, गतिशीलता और संबंधों की गहराई को दर्शाता है.

10. मैं प्रधानमंत्री अबे का सिक्युरिटी काउंसिल में स्थायी सदस्यता के लिए भारत का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं.

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