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सतलुज-यमुना लिंक के मुद्दे पर पंजाब के वाहनों को हरियाणा आने से रोकेगी इनेलो

एसवाईएल का मुद्दा पंजाब और हरियाणा दोनों ही राज्यों की राजनीतिक पार्टियों के लिए संजीवनी के समान है और इसी वजह से जब भी जिस पार्टी का मन करता है वो इस मुद्दे पर राजनीति करने से पीछे नहीं हटती है.

इनेलो के नेता अभय चौटाला का एलान इनेलो के नेता अभय चौटाला का एलान
सतेंदर चौहान
  • चंडीगढ़,
  • 09 जुलाई 2017,
  • अपडेटेड 5:19 AM IST

सतलुज-यमुना लिंक के मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब के बीच जारी राजनीति खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही. हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल ने SYL के मुद्दे पर 10 जुलाई को पंजाब से हरियाणा होकर दिल्ली जाने वाली बसों को रोकने का एलान कर दिया है.

हरियाणा के नेता विपक्ष अभय चौटाला ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि हरियाणा से पंजाब की सीमा पांच जगहों पर मिलती है और यहां से पंजाब के वाहन हरियाणा से होकर दिल्ली और दूसरे राज्यों में जाते हैं. लेकिन जिस तरह से SYL के मुद्दे पर पंजाब का रवैया रहा है और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी पंजाब की कांग्रेस सरकार हरियाणा के हिस्से का पानी देने को तैयार नहीं है उसे लेकर अब आंदोलन और भी तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सोमवार 10 जुलाई को पंजाब के किसी भी वाहन को हरियाणा में घुसने नहीं दिया जाएगा.

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अभय चौटाला के मुताबिक आईएनएलडी कार्यकर्ता पांच जगहों पर हरियाणा-पंजाब की सीमा पर पंजाब के वाहनों को रोकेंगे और हरियाणा से होकर नहीं गुजरने देंगे. अभय चौटाला ने कहा कि हरियाणा से पंजाब जाने वाले वाहनों को तो जाने दिया जाएगा लेकिन पंजाब से जो वाहन हरियाणा में आने की कोशिश करेंगे उनको वही रोक दिया जाएगा और पंजाब के तमाम लोगों को हरियाणा की सीमा पर ही रोक कर उन्हें लाल गुलाब और पीने का पानी दिया जाएगा.

चौटाला के मुताबिक वाहन रोके जाने के बाद लोगों से ये भी दरख्वास्त की जाएगी कि वो वापस जाकर अपनी पंजाब सरकार को बोले कि वो हरियाणा के हिस्से का पानी जल्द ही एसवाईएल के जरिए हरियाणा को दे. अभय चौटाला ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्वक रहेगा और उन्होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एसवाईएल के मुद्दे पर हरियाणा को कोई ठोस भरोसा नहीं देते और ये आश्वासन नहीं देते कि जल्द ही एसवाईएल का निर्माण करवाकर हरियाणा के हिस्से का पानी हरियाणा के लोगों को दिया जाएगा तब तक ये आंदोलन जारी रहेगा.

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वहीं इंडियन नेशनल लोकदल के इस बड़े आंदोलन को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने भी कमर कस ली है हरियाणा और पंजाब के मुख्य सचिवों ने एक बैठक करके दोनों ही राज्यों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद करने का फैसला लिया है. हरियाणा सरकार ने केंद्र से अर्धसैनिक बलों की 10 टुकड़ियां भी मांगी है जोकि इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदर्शन के दौरान हरियाणा-पंजाब की सीमा पर तैनात रहेंगी. इसके अलावा पंजाब पुलिस की तरफ से भी पंजाब की सीमा पर और हरियाणा पुलिस की तरफ से हरियाणा की सीमा पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं.

हरियाणा के डीजीपी बी एस संधू ने इंडियन नेशनल लोक दल से अपील की वो अपना आंदोलन शांतिपूर्वक करें और सड़कें और रास्ता रोककर आम लोगों को परेशान ना करें. बी एस संधू ने साफ कर दिया कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले लोगों से सख्ती के साथ निपटा जाएगा और इसी के लिए अर्धसैनिक बलों की भी तैनाती की जाएगी.

पंजाब सरकार ने इंडियन नेशनल लोकदल के एसवाईएल के मुद्दे पर किए जा रहे आंदोलन पर सवाल खड़े किए है. पंजाब के सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत ने कहा कि जब पंजाब में अकाली दल की सरकार थी तब हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल ने एसवाईएल के मुद्दे पर ना तो कोई बात कही और ना ही कोई प्रदर्शन किया लेकिन जैसे ही पंजाब में सत्ता परिवर्तन हुआ और चौटाला परिवार के नजदीकी बादल परिवार की सरकार चली गई और कांग्रेस की सरकार आई तो अब एक बार फिर से इंडियन नेशनल लोकदल को एसवाईएल की याद आने लगी है.

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एसवाईएल का मुद्दा पंजाब और हरियाणा दोनों ही राज्यों की राजनीतिक पार्टियों के लिए संजीवनी के समान है और इसी वजह से जब भी जिस पार्टी का मन करता है वो इस मुद्दे पर राजनीति करने से पीछे नहीं हटती है. फिलहाल हरियाणा और पंजाब दोनों ही राज्यों की पुलिस की कोशिश है कि सोमवार के व्यस्त दिन होने वाले इस राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान दोनों ही राज्यों के आम लोग परेशान ना हो. एसवाईएल का मुद्दा पंजाब और हरियाणा दोनों ही राज्यों की राजनीतिक पार्टियों के लिए संजीवनी के समान है और इसी वजह से जब भी जिस पार्टी का मन करता है वो इस मुद्दे पर राजनीति करने से पीछे नहीं हटती है.फिलहाल हरियाणा और पंजाब दोनों ही राज्यों की पुलिस की कोशिश है कि सोमवार के व्यस्त दिन होने वाले इस राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान दोनों ही राज्यों के आम लोग परेशान ना हो और इसी वजह से भारी सुरक्षा बल की तैनाती के साथ ही कुछ रास्तों को भी डाइवर्ट करके लोगों को परेशानी से बचाने की कोशिश की जा रही है.

 

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