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पठानकोट हमले में पाकिस्तान ने सख्त रुख अपनाते हुए जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को गिरफ्तार कर लिया है. अजहर के अलावा 12 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है.
जियो न्यूज के मुताबिक, पठानकोट हमले के आरोपी मसूद अजहर के कई ऑफिसों पर पाकिस्तान की पुलिस ने छापा मारा और उन्हें सील कर दिया है. कार्रवाई के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को गिरफ्तार भी किया गया है. बताया जा रहा है कि मसूद के भाई और जीजा को भी गिरफ्तार किया गया है. बुधवार को दिनभर छापेमारी की कार्रवाई चलती रही.
विदेश सचिव PM मोदी को देंगे जानकारी
विदेश सचिव एस. जयशंकर पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद को लेकर अब तक हुई कार्रवाई के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को जानकारी देंगे.
नवाज शरीफ ने बुलाई थी बैठक
इसके पहले भारत की ओर से बढ़ रहे कार्रवाई के दबाव और विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द होने की स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बुधवार को एक बार फिर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. बैठक में देश के अंदर आतंकवादी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने पर चर्चा हुई.
PAK सरकार ने जारी की विज्ञप्ति
मीटिंग के बाद पाकिस्तान सरकार की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान अपनी सीमा के अंदर आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह से आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा. विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि पठानकोट में हुए आतंकी हमले को लेकर जो भी सबूत भारत ने दिए हैं उनके आधार पर कार्रवाई हो रही है.
'आतंकी संगठन के ऑफिसों में छापा'
पाकिस्तान सरकार ने कहा, 'आतंकवाद किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भारत की ओर से सबूत और सूचना दिए जाने के बाद जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकवादियों को पकड़ा गया है. आतंकी संगठन के ऑफिस तलाशे जा रहे हैं और उन्हें सील किया जा रहा है. मामले को लेकर जांच जारी है.'
'पठानकोट में SIT भेजेगा पाकिस्तान'
बैठक के बाद पाकिस्तान सरकार ने यह भी कहा कि वह सहयोग की अपेक्षा करती है और हमले को लेकर ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए पाकिस्तान से स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (SIT) को पठानकोट भेजे जाने की योजना है. भारत सरकार से इसके लिए बातचीत की जा रही है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि पाकिस्तान सरकार पठानकोट हमले और आतंकवाद से जुड़े मुद्दे पर भारत सरकार के साथ है.
नवाज शरीफ के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में पाकिस्तान के गृह मंत्री, वित्त मंत्री, पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री, विदेश मामलों के सलाहकार, डीजी आईएसआई, डीजी आईबी के अलावा सेना और पुलिस के कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे.
अटक सकती है विदेश सचिव स्तर की बातचीत
पठानकोट हमले के आरोपियों पर कार्रवाई ना होने की बात सामने आने पर भारत-पाकिस्तान के बीच 15 जनवरी को होने वाली विदेश सचिव स्तर की बातचीत टलने के आसार बन रहे हैं. पाकिस्तान की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होने पर ही भारत सरकार इस संबंध में फैसला लेगी. विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारत की ओर से सौंपे गए सबूतों पर पाकिस्तान ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है. जब तक पाकिस्तान सरकार आतंकी हमले के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं करती बातचीत संभव नहीं है. उन्होंने बताया, 'विदेश सचिव स्तर की बातचीत के लिए पाकिस्तान ने 15 जनवरी का प्रस्ताव रखा था, इस पर भारत की ओर से किसी तरह की सहमति नहीं दी गई है.'
बातचीत के लिए आ सकता है नया शेड्यूल
सूत्रों ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत का नया शेड्यूल जारी किया जा सकता है. उन्होंने कहा, 'पठानकोट हमले की जांच जारी है. भारत और पाकिस्तान दोनों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) एक-दूसरे के संपर्क में हैं. जब तक पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई नहीं होती भारत बातचीत के लिए राजी नहीं होगा.'
एयरफोर्स स्टेशन पर हुआ था हमला
बता दें कि 2 जनवरी को पंजाब के पठानकोट स्थित भारतीय वायुसेना स्टेशन पर छह आतंकवादियों ने हमला बोला था. चार दिनों तक चले ऑपरेशन में सुरक्षाबलों के सात जवान शहीद हुए थे और छह आतंकियों को मार गिराया गया था. खुफिया एजेंसियों के इनपुट के मुताबिक, आतंकी एयरफोर्स स्टेशन पर विमानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से आए थे. उन्हें स्टेशन के अंदर की पूरी स्थिति के बारे में पहले से जानकारी थी.