
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जी-20 डिजिटल अर्थव्यवस्था मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लिया. जी-20 में आईटी मंत्रियों की इस डिजिटल कॉन्फ्रेंस में भारत की तरफ से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संबोधित किया. जहां उन्होंने डेटा प्राइवेसी के मुद्दे पर जोर दिया.
रविशंकर प्रसाद ने जी-20 की मंत्री मंडलीय बैठक में नागरिकों के डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर जोर दिया. रविशंकर प्रसाद ने नागरिकों की डेटा गोपनीयता और सुरक्षा की रक्षा के लिए डेटा से संबंधित मुद्दों और देशों के संप्रभु अधिकारों पर बल देते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म संप्रभु देशों के डेटा सुरक्षा, निजिता और रक्षा की चिंताओं के प्रति सजग, संवेदनशील और उत्तरदायी बनें.
उन्होंने कहा कि हम सभी को यह स्वीकार करने की आवश्यकता है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था को डेटा अर्थव्यवस्था के साथ चलना चाहिए. हमें डेटा पर संप्रभुता को स्वीकार करने की आवश्यकता है. डेटा को संबंधित संप्रभु राष्ट्र से संबंधित होना चाहिए, ताकि उसके लोगों की गोपनीयता की भी रक्षा की जा सके.
यह भी पढ़ें: अमेरिका में बैन के करीब TikTok, अमेरिकी इंवेस्टर्स खरीद सकते हैं ये ऐप
उन्होंने कहा कि एक भरोसेमंद एआई कभी भी उभर नहीं सकता है जब तक कि भरोसेमंद डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र नहीं है. इसलिए डेटा सेफ्टी, सिक्योरिटी और सुरक्षित साइबर वातावरण बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे हैं. साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म को उत्तरदायी और जवाबदेह होना चाहिए.
कॉन्फ्रेंस में मंत्री प्रसाद ने भारत के डिजिटल इनोवेशन के बारे में भी बताया जिसने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में मदद की. उन्होंने इस बैठक के दौरान कोरोना मरीजों की निगरानी के लिए जियो-फेंसिंग प्रणाली, कोविड-19 सावधान बल्क मैसेजिंग सिस्टम और आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप जैसी पहलों के बारे में बताया.
यह भी पढ़ें: लद्दाख में सैनिकों के पूरी तरह पीछे हटने के फिलहाल संकेत नहीं
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे डिजिटल तकनीक ने कोरोना संकट के दौरान समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राहत देने में भारत सरकार की मदद की. भारत के डिजिटल इनोवेशन जैसे कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और डिजिटल भुगतान का उपयोग करते हुए भी समाज के सबसे कमजोर लोगों को लॉकडाउन के दौरान विभिन्न वित्तीय राहत प्रदान की गई.
ऐप्स पर बैन
बता दें कि हाल ही में भारत में 59 चीन के मोबाइल ऐप्स पर बैन लगा दिया गया था. भारत ने टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप्स पर सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रतिबंध लगाया था. वहीं हाल ही में सरकार ने फिर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर बैन के बावजूद कोई ऐप चालू मिला तो कड़ा एक्शन लिया जाएगा.